आंतकवादी हमले संबंधी निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास करने के बाद विधानसभा का सदन दिन भर के लिए स्थगित
चंडीगढ़
– पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पुलवामा में सी.आर.पी.एफ.
के काफि़ले पर जैश-ऐ -मुहम्मद के आतंकवादियों द्वारा किये आंतकवादी हमले
की सख्त शब्दों में निंदा करते हुये दुश्मन को उपयुक्त जवाब देने की माँग
की है। इसी के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की सेना और आई.एस.आई. को पंजाब
में ऐसी किसी भी तरह की गतिविधियों के विरुद्ध चेतावनी दी है। आज विधानसभा
में सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके इस हमले की निंदा की। सदन को
स्थगित करने की मांग का प्रस्ताव सदन में पेश करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा
कि पाकिस्तान के साथ शान्ति की बात करने का समय गुजऱ चुका है और उन्होंने
केंद्र सरकार से पड़ोसी देश को जवाबी कार्यवाही करने की अपील की क्योंकि यह
देश जम्मू -कश्मीर के साथ-साथ पंजाब में आतंकवाद के पैर पसारने के लिए
पूरा समर्थन दे रहा है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सरहद पार से दुश्मन
देश की तरफ से हमारे भारतीय जवानों को मारा जा रहा है और इन हमलों में
सेकेंड सिख का एक मेजर और दो जवान भी अपनी जानें गवां चुके हैं। उन्होंने
कहा कि स्थिति अब काबू से बाहर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने
80वें और 90वें दशकों के समय के दौरान आतंकवाद के दौर से गुजरा और इसके
विरुद्ध हमारी मज़बूत पुलिस फोर्स डट कर लड़ी। इसके बाद हमारी फोर्स की
संख्या कई गुणा बढ़ी है जो अब किसी भी चुनोती का मुँह-तोड़ जवाब देने के
लिए पूरी तरह समर्थ है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख
बाजवा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को कश्मीर और पंजाब के
अलगाववादियों को जोडऩे की नीति जारी रखने के विरुद्ध सख्त चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘हमारे पास 81000 पुलिस जवानों की मज़बूत और हर तरह से
लैस फोर्स है जो अग्नि परीक्षा में से गुजऱी हुई है।’’ मुख्यमंत्री ने
ऐलान किया यदि बाजवा और आई.एस.आई. ने पंजाब में अब कोई भद्दी कार्यवाही
करने की कोशिश की तो उसे करारा जवाब दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह
80वें दशक का समय नहीं है और पंजाब पुलिस अब बहुत ज़्यादा ताकतवर है जिसकी
मिसाल इस घटना के लिए जा सकती है कि पुलिस ने लुधियाना में घटे बलात्कार
के मामले को दो दिनों में ही हल कर लिया। मुख्यमंत्री ने इमरान ख़ान पर
दोहरी नीति अपनाने का दोष लगाते हुये कहा कि एक तरफ़ वह भारत विरोधी ताकतों
को प्रोत्साहन दे रहा है जबकि दूसरी तरफ़ श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर
यूनिवर्सिटी शुरू करने के अलावा गुरूद्वारों की सेवा की बात कर रहा है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वास्तव में आई.एस.आई. ने उसे प्रधानमंत्री
बनाया है जिस कारण वह उनके इशारों पर ही काम करता है। सदन की कार्यवाही
स्थगित करने की माँग करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घातक हमले में
शहीद हुए 41 सी.आर.पी.एफ. जवानों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।
उन्होंने अकाल पुरुष के चरणों में दिवंगत जवानों की पवित्र आत्माओं को अपने
चरणों में शाश्वत निवास देने के लिए अरदास की। मुख्यमंत्री ने औपचारिक तौर
पर प्रस्ताव पेश किया जिसमें कहा,‘‘पुलवामा में सी.आर.पी.एफ. के काफि़ले
पर जैश -ऐ -मुहम्मद के आतंकवादियों द्वारा किये गये वहशी हमले की सदन सख्त
शब्दों में निंदा करता है जिसमें 41 बहादुर जवान शहीद और अन्य कई ज़ख्मी
हुए हैं। इनमें बहुत से जवान अपनी छुट्टियाँ बिताने के बाद देश की सरहदों
की रक्षा के लिए ड्यूटी पर वापस जा रहे थे। इन शहीदों का बलिदान बेकार नहीं
जाना चाहिए और मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूँ कि वह हमारे देश पर हुए
इस हमले का उपयुक्त जवाब देना यकीनी बनाऐ। यह हमला पाकिस्तान सरकार के
दोहरे किरदार का पर्दाफाश करता है जो एक तरफ़ अमन -शान्ति की बात कर रहा है
जबकि दूसरे तरफ़ जम्मू -कश्मीर में ऐसे आतंकवादी ग्रुपों को पैर पसारने के
लिए पूरा समर्थन दे रहा है। दु:ख की इस घड़ी में हम सभी इन शहीद सैनिकों
के परिवारों के साथ खड़े हैं और उनके साथ अपनी दिली हमदर्दी ज़ाहिर करते
हैं।’’ इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति सेपास किया और सदन को पूरे दिन के
लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में बोलते शिरोमणि अकाली दल के विधायक बिक्रम
सिंह मजीठिया ने कहा मुख्यमंत्री ने एक सेनिक और सच्चे भारतीय के तौर पर
अपने विचार पेश किये हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसा भयानक हादसा कभी
भी नहीं घटा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और वहाँ के प्रधानमंत्री इमरान
ख़ान की निंदा संबंधी सदन की अपील को रिकार्ड पर रखना चाहिए। इमरान ख़ान को
आई.एस.आई. की कठपुतली बताते हुये उन्होंने कहा कि इस हमले से उनका दोहरा
किरदार जग ज़ाहिर हुआ है।विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने इस हमले
में शहीद हुए पंजाब के जवानों के परिवारों के लिए एक -एक करोड़ रुपए और
अगले वारिसों को नौकरियाँ देने की माँग की जिस संबंधी मुख्यमंत्री ने बाद
में सदन के बाहर पत्रकारों को बताया कि यह बहुत छोटा मामला है जिसको पूरा
किया जायेगा। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने उम्मीद
ज़ाहिर की कि इस हमले का करतारपुर गलियारे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और
उन्होंने वीज़ा मुक्त ‘खुले दर्शन दीदार ’ करने संबंधी अपनी माँग को फिर
दोहराया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनका विश्वास है कि गलियारा पूरी
तरह महफूज़ होगा परन्तु इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों के
मध्य अमन -शान्ति की कोशिशों को आगे बढ़ाना है तो इसके लिए पाकिस्तान को
अपने रवैये में तबदीली लाने की ज़रूरत है।पाकिस्तान की तरफ से पंजाब और
जम्मू -कश्मीर के आतंकवादियों को जोडऩे की की जा रही कोशिशों का जि़क्र
करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्टें सामने आई हैं कि पड़ोसी देश
पंजाब में गड़बड़ पैदा करने की कोशिशों में है जहाँ हाल ही महीनों में 28
आतंकवादी ग्रुपों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि
आई.एस.आई. के इशारों पर काम कर रही सिखज़ फॉर जस्टिस के 2020 के मतदान
पंजाब में अमन – शान्ति में विघ्न डालने की लगातार कोशिशों का संकेत है
परन्तु वह इसमें सफल नहीं होंगे। यह पूछे जाने पर कि पुलवामा का हमला
ख़ुफिय़ा असफलता करके हुआ तो इस के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा इस संबंधी
घटना की जांच के बाद विवरणों से सामने आऐगा।