चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आर्य अनाथालय के शैक्षिक ढांचे और खेल सुविधाओं का स्तर ऊँचा उठाने के लिए 11 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।इस संस्था के तकरीबन 50 अनाथ विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य में किसी भी तरह की ज़रूरत के लिए अनाथालय से तालमेल रखने के लिए अपने ओ.एस.डी. को निर्देश दिए हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस संस्था के विद्यार्थियों को पढ़ाई में सख्त मेहनत करने के लिए उत्साहित किया जाए जिससे वह भविष्य में राष्ट्रीय प्रगति में अपना योगदान डाल सकें। उन्होंने इन बच्चों को अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिए रक्षा सेनाओं में अपना कैरियर बनाने की अपील की। उन्होंने भारत के हित और सम्मान को हरेक चीज़ से हमेशा ही ऊपर रखने के लिए बच्चों को कहा। यह अनाथालय स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा 1877 में स्थापित किया गया था। इसकी तरफ से निभाई गई सेवाओं की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनेकों कीमती नौजवानों को योग्य बनाने और संभालने का साधन बना है। उन्होंने उम्मीद प्रकट की कि यह इंस्टीट्यूट भविष्य में भी अपने उद्देश्य के लिए लगातार विकास करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने विधानसभा का समागम देखने संबंधी बच्चों के तजुर्बे पूछे। इस सम्बन्ध में बच्चों ने उत्साहपूर्ण ढंग से अपने जवाब दिए और उन्होंने जल्दी ही फिर यहाँ का दौरा करने की आज्ञा देने के लिए भी मुख्यमंत्री को विनती की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फिऱोज़पुर के दौरे के दौरान इस संस्था में बच्चों को मिलने का भी वायदा किया।इस मौके पर उपस्थित फिऱोज़पुर शहर के विधायक परमिन्दर सिंह पिंकी ने इस इंस्टीट्यूट को वित्तीय सहायता देने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसके साथ इन बच्चों का बढिय़ा भविष्य यकीनी बन सकेगा। उन्होंने कहा कि इन ज़रूरतमन्द विद्यार्थियों के लिए कभी भी किसी भी मुख्यमंत्री ने इस तरह नहीं किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह इन बच्चों की स्थिति संबंधी भली- भाँति अवगत हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, विधायक नवतेज सिंह चीमा, फ़तेह जंग सिंह बाजवा, दलवीर सिंह गोल्डी, बलविन्दर सिंह लाडी भी उपस्थित थे।