ऑकलैंड-भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच दूसरे वनडे मैच में एक ऐसी घटना घटी
जो क्रिकेट के मैदान पर कम देखने को मिलती है। दरअसल क्रिकेट में अंपायर
निर्णय आखिरी निर्णय होता है, हालांकि खिलाड़ी अब रिव्यू लेकर उस फैसले के
खिलाफ अपील कर सकते है और उसके बाद टीवी अंपायर का जो फैसला होता है वो
आखिरी होता है। रिव्यू के बाद अगर टीवी अंपायर किसी बल्लेबाज़ को आउट दे तो
उसे मैदान से बाहर जाना ही पड़ता है, लेकिन दूसरे टी-20 में कुछ अलग हुआ।
क्रुणाल
ने किया कमाल:-पावरप्ले का आखिरी ओवर फेंकने के लिए रोहित ने क्रुणाल
पांड्या को गेंद सौंपी और उन्होंने अपनी दूसरी ही गेंद पर कॉलिन मुनरो का
विकेट ले लिया। कॉलिन मुनरो 12 गेंदों पर 12 रन बनाकर आउट हो गए। रोहित
शर्मा ने उनका कैच पकड़ा। इस ओवर की आखिरी गेंद पर क्रुणाल ने डेरेल मिचेल
के खिलाफ LBW की अपील की और फील्ड अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया। इसके बाद
मिचेल ने रिव्यू लिया। टीवी अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद बल्लेबाज़ को
आउट करार दिया। हालांकि हॉटस्पॉट में ये दिखा रहा था कि गेंद बल्ले का
अंदरुनी किनारे से लगकर गई थी। हॉटस्पॉट में एक सफेद निशान दिख रहा था
लेकिन ये तथ्य तीसरे अंपायर को काफी नहीं लगा। उन्होंने फिर से स्निको
तकनीक का सहारा लिया जिसमें ये लग रहा था कि गेंद बल्ले से नहीं टकराई थी।
इसके बाद थर्ड अंपायर ने मिचेल को आउट करार दिया। हालांकि अंपायर का ये
फैसला कीवी कप्तान को पसंद नहीं आया और उन्होंने पहले अंपायरों से बात की
और फिर रोहित शर्मा से। इस बीच डेरेल मिचेल मैदान पर ही खड़े रहे। हालांकि
थोड़ी देर बातचीत के बाद मिचेल को मैदान से बाहर जाना पड़ा, क्योंकि अंपायर
ने आउट करार दिया था।
अंपायर के फैसले का अपमान;-क्रिकेट में अंपायर का
फैसला हमेशा ही अंतिम होता है और मिचेल आउट दिए जाने के बावजूद भी मैदान
पर खड़े रहे। हालांकि उन्हें रुकने के लिए कीवी कप्तान केन विलियमसन ने ही
कहा था। खैर अब ये देखना होगा कि मैच के बाद क्या इस घटना पर आइसीसी कोई
एक्शन लेगा या नहीं।