ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन हमारे शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ये
हार्मोन कोशिकाओं के निर्माण और पुनर्निर्माण को बहाल रखता है और आपको
युवा बनाए रखता है। वसा इस हार्मोन के निर्माण पर नकारात्मक असर डालती है।
इस हार्मोन का कैसे रखें ध्यान, बता रहे हैं ऋषभ सक्सेना। ग्रोथ हार्मोन
यानी एचजीएच कोशिका प्रजनन और पुनर्निर्माण को बढ़ाता है। कम उम्र में ग्रोथ
हार्मोन का निर्माण बहुत बड़ी मात्रा में होता है और यही ग्रोथ हार्मोन
हमें युवा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती
है, हमारा शरीर ग्रोथ हार्मोन बनाना कम कर देता है। इतना ही नहीं 30 की आयु
के बाद हमारे शरीर की ग्रोथ हार्मोन बनाने की क्षमता हर दशक यानी हर 10
सालों में 25 फीसदी तक घट जाती है।
हमारे शरीर में पाया जाने वाला जरूरी
हार्मोन है ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन, जो शरीर में मांसपेशियों और कोशिकाओं के
विकास में मदद करता है। एचजीएच का उत्पादन पिट्यूटरी ग्लैंड में होता है।
इस हार्मोन के बिना शरीर में मांसपेशियों का गठन और हड्डियों का घनत्व (बोन
डेंसिटी) बढ़ना नामुमकिन है।
किसी भी व्यक्ति के कद को बढ़ाने में जिस
तत्व का सबसे बढ़ा योगदान होता है, वह है ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन। पर्याप्त
मात्रा में कैल्शियम लेना भी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। कैल्शियम से
ना सिर्फ हमारी हड्डियां मजबूत होती हैं, बल्कि इसके साथ- साथ कद भी बढ़ता
है। योग से भी अपने कद को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं। योग आपको तनाव
मुक्त करने के साथ-साथ शारीरिक विकास को भी नया रंग देता है।
डायबिटीज
से ग्रस्त लोगों के मुकाबले बिना डायबिटीज वाले लोगों में ग्रोथ हार्मोन का
स्तर 3 से 4 गुना ज्यादा होता है। इंसुलिन को सीधे तौर पर प्रभावित करने
के साथ ही ज्यादा चीनी लेने से वजन और मोटापा भी तेजी से बढ़ता है और इसका
प्रभाव ग्रोथ हार्मोन के स्तर पर पड़ता है। कभी-कभार चीनी लेने से आपके
ग्रोथ हार्मोन के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं होता। पर, ज्यादा से ज्यादा
स्वस्थ और संतुलित आहार लेने का प्रयास करना चाहिए। जो भी आहार लेते हैं,
उसका अधिकतर प्रभाव आपके स्वास्थ्य, हार्मोन और शरीर की बनावट पर पड़ता है।
अधिक
कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन वाला आहार इंसुलिन को बढ़ा देता है और रात के
समय बनने वाले ग्रोथ हार्मोन को रोक देता है। खाने के दो से तीन घंटे बाद
इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है, फिर भी रात में अधिक कार्बोहाइड्रेट और
प्रोटीन न लें।
गंभीर या निरंतर तनाव शरीर में एचजीएच की उपस्थिति कम कर
देता है। हंसी से शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इस हार्मोन में
वृद्धि होती है। फिल्म देखना भी फायदेमंद है।
ग्रोथ हार्मोन की कमी को
पूरा करने के लिए बहुत दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें खुद से नहीं लिया
जाना चाहिए। डॉक्टर जरूरी समझते हैं तो ही वे निश्चित अवधि के लिए इससे
संबंधित जरूरी दवा देते हैं।
बिना जरूरत इस हार्मोन के इस्तेमाल से कई
परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। इसके चलते शरीर का कोई भी अंग बढ़ सकता है,
जैसे हाथ, पैर, जबड़ा। इसके दुष्प्रभावों में टाइप 2 डायबिटीज भी शामिल है।
आपके
व्यायाम शुरू करने के आधे घंटे बाद शरीर में ग्रोथ हार्मोन बनना शुरू होता
है, जो 45 मिनट तक बढ़ता है इसके बाद अगले 15 मिनट यानी कुल 60 मिनट तक
स्थिर रहता है। 60 मिनट के बाद इसका स्तर घटना शुरू हो जाता है।
आपका शरीर जितना ग्रोथ हार्मोन पूरे दिन में बनाता है, उसका 75 फीसदी निर्माण शरीर अच्छी नींद के दौरान करता है।
विटामिन और डाइट ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन के लिए सबसे जरूरी है, लेकिन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें।
शरीर में ग्रोथ हार्मोन बनाए रखने के लिए रोजाना जरूरी कैलरी का 20 प्रतिशत भाग शुद्ध फैट से प्राप्त
होता है।
ह्यूमन
ग्रोथ हार्मोन सुगठित शरीर पाने की कुंजी है, क्योंकि मांसपेशियों के लिए
यह अहम है। इसके लिए प्रोटीन में भरपूर संतुलित भोजन खाएं।
मांस और मछली
एमिनो एसिड के सबसे महत्वपूर्ण स्रोतों में से हैं, जो पूरी तरह से
प्रोटीन से भरपूर होते हैं। इससे आपको एमिनो एसिड प्राप्त होता है, जो आपके
शरीर में एचजीएच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डेयरी और अंडे
भी भरपूर प्रोटीन प्रदान करते हैं। यानी वे एचजीएच बनाने के लिए आवश्यक
सभी एमिनो एसिड प्रदान करते हैं। दूध और सोया दूध में प्रति एक गिलास में
लगभग 8 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि स्ट्रिंग पनीर के एक टुकड़े या बड़े अंडे
में 6 ग्राम प्रोटीन होता है।
आप आवश्यक एमिनो एसिड पाने के लिए पौधे
आधारित प्रोटीन के स्रोत भी अपना सकते हैं। अधिकांश पौधों से प्राप्त
प्रोटीन में कुछ एमिनो एसिड
होते हैं।यदि आप अपने एचजीएच स्तर को
अधिकतम करना चाहते हैं तो आपको नियोजित व्यायाम के साथ अपने प्रोटीन युक्त
आहार का ध्यान रखना होगा। शरीर के वजन के प्रत्येक पाउंड (लगभग 453 ग्राम)
के लिए 8 ग्राम प्रोटीन जरूरी होता है। भोजन से आप कैसे जरूरी प्रोटीन और
एमिनो एसिड प्राप्त कर सकते हैं, इसकी जानकारी किसी विशेषज्ञ से अवश्य लें।