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माल्या को भारत लाने का रास्ता साफ

भारत को मिली बड़ी कूटनीतिक जीत, भगौड़ा कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के आदेश पर ब्रिटेन के गृह मंत्री ने किए दस्तखत, विदेश मंत्रालय ने फ़ैसले का स्वागत करते हुए कानूनी प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की जतायी उम्मीद, माल्या पर बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये नहीं चुकाने का है आरोप| 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी और मनी लॉड्रिंग के आरोपी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या के प्रत्यर्पण को ब्रिटिश गृह मंत्री ने स्वीकृति दे दी है। गृह मंत्री साजिद जावेद ने तीन फरवरी को सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। माल्या के पास अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिनों का समय है। 10 दिसंबर, 2018 को लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 63 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। इस बीच, माल्या ने ट्वीट कर कहा कि वह प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ़ अपील करेंगे। धन शोधन निरोधक अधिनियम के तहत मुंबई अदालत ने कारोबारी विजय माल्या को वित्तीय अपराधी घोषित किया था। इस कानून में जांच एजेंसियों को एफई-ओए के तहत दर्ज अपराधी की सारी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार है। भारत ने ब्रिटिश सरकार के फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘हमें माल्या के भारत प्रत्यर्पण के आदेश पर ब्रिटेन के गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षर करने की जानकारी मिली है। हम ब्रिटिश सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। विदेश मंत्रालय ने प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की उम्मीद जतायी है।

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