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भारत करेगा 2021 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 विश्व कप की मेजबानी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के सीईओ डेविड रिचर्डसन ने साफ किया कि करों में छूट नहीं मिलने के बावजूद भारत के 2021 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 विश्व कप की मेजबानी के अधिकार को कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही इन दोनों टूर्नामेंटों की मेजबानी को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों पर विराम लग गया।भारत ने 2016 टी-20 विश्व कप की मेजबानी की थी और इस दौरान आइसीसी को कर छूट नहीं मिली थी। उसके बाद आइसीसी ने बीसीसीआइ से 23 मिलियन डॉलर (161 करोड़ रुपये) का भुगतान करने के लिए कहा था। रिचर्डसन ने कहा, ‘विश्व क्रिकेट के लिए करों में छूट पाना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर एक पैसा जो आइसीसी के राजस्व को बनाता है, उसे खेल में वापस लगा दिया जाता है। यह वेस्टइंडीज जैसे देशों की मदद करता है जो ज्यादा राजस्व पैदा नहीं कर पाते, लेकिन इसके बावजूद भारत से मेजबानी छीनने की कोई योजना नहीं है और मुझे विश्वास है कि हम अंत में करों में छूट पाने में सफल होंगे। हमारे पास अभी काफी समय है।’ इस दौरान आइसीसी और कोका-कोला के बीच अगले पांच साल के लिए वैश्विक साझेदारी की घोषणा की गई।विश्व कप के लिए भारत सर्वश्रेष्ठ टीम : रिचर्डसन ने कहा कि 2019 विश्व कप में भारत सर्वश्रेष्ठ टीम है। उन्होंने मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ विराट कोहली की टीम को भी खिताब के दावेदारों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में चौथे वनडे मैच में सिर्फ 92 रन पर ढेर होने से भारतीय टीम की ताकत को कमतर नहीं समझना चाहिए। रिचर्डसन ने विराट की टीम की सौरव गांगुली की अगुआई वाली टीम से तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान टीम हर तरह से मजबूत है, जबकि पूर्व में भारतीय टीम की गेंदबाजी कमजोर थी और गांगुली की अगुआई में भारतीय टीम विश्व कप 2003 के फाइनल में पहुंची थी। गांगुली वाली टीम में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे शानदार बल्लेबाज थे, लेकिन उनकी गेंदबाजी थोड़ी कमजोर थी, जिससे टीम कई बार अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाई थी। उन्होंने कहा कि आइसीसी के किसी भी टूर्नामेंट में ज्यादातर भारत और पाकिस्तान को एक ग्रुप में रखा जाता है, लेकिन 2020 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में ऐसा देखने को नहीं मिलेगा। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है और रैंकिंग के आधार ग्रुप तैयार किए गए हैं।पांड्या विवाद के बावजूद भारतीय टीम अच्छा व्यवहार करने वाली : रिचर्डसन से पांड्या की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘यह सदस्य देश के लिए चिंता का विषय है और आमतौर पर भारतीय टीम बहुत अच्छा व्यवहार करने वाली टीम है। वे अंपायरों के फैसले को स्वीकार करते हैं और सच्ची खेल भावना से खेलते हैं। वे अच्छा खेलते हैं और विराट कोहली इस खेल के बेहतरीन दूत हैं।

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