पंजाब

श्री गुरू तेग बहादुर जी का 400 साला प्रकाश पर्व ‘गुरू तेग बहादुर-हिंद की चादर’ के विषय पर मनाएगी पंजाब सरकार – चन्नी

आई.के.जी. पी.टी.यू. कपूरथला में 100 करोड़ रुपए की लागत से ‘बाबा साहिब भीम राव अम्बेदकर म्युजियम’ स्थापित होगा

चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सीधी निगरानी अधीन राज्य सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व सम्बन्धी साल भर समागम सफलतापूर्वक करवाए गए। इस साल राज्य सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400 साला प्रकाश पर्व मनाने जा रही है। राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ मनाए जा रहे इस पर्व सम्बन्धी विशेष प्रोग्राम 28 अप्रैल से पहली मई तक ‘गुरू तेग बहादुर-हिंद की चादर ’ के बैनर अधीन करवाए जाएंगे। पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों संबंधी मंत्री श्री चरनजीत सिंह चन्नी ने यहाँ ए.सी.एस. श्री संजय कुमार और डायरैक्टर श्रीमती कंवलप्रीत कौर बराड़ की हाजिरी में प्रैस कान्फ्रेंस के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह पहले ही इन प्रोग्रामों का लॉगो जारी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, श्री आनन्दपुर साहिब, बाबा बकाला और कीरतपुर साहिब में होने वाले विकास कामों को इन जश्नों के हिस्से के तौर पर समर्पित करेगी।श्री चन्नी ने कहा कि श्री चमकौर साहिब में बन रहा थीम पार्क इस साल बैसाखी पर लोगों को समर्पित कर दिया जायेगा। इसके निर्माण पर 49 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। श्री चमकौर साहिब के सौन्दर्यकरण के लिए 50 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च किए जा रहे हैं।कैबिनेट मंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुये कहा कि राज्य सरकार की तरफ से बाबा साहिब भीम राव अम्बेदकर के जीवन और काम संबंधी आई.के.जी. पी.टी.यू, कपूरथला में 100 करोड़ की लागत से म्युजियम बनाने का प्रस्ताव है।मंत्री ने कहा कि इस साल कई स्मारकों के निर्माण, मुरम्मत के नवीनीकरन पर राज्य सरकार 500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि आनन्दपुर साहिब में 26.85 करोड़ रुपए की लागत से एक साल में ही भाई जैता जी का स्मारक मुकम्मल कर लिया जायेगा। श्री गुरु रविदास स्मारक खुरालगड़ को 103 करोड़ की लागत से इस साल सितम्बर तक मुकम्मल कर लिया जायेगा और भगवान वाल्मीकि जी तीर्थ स्थल अमृतसर में 32.61 करोड़ रुपए से विकास कार्य करवाए जाएंगे।मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार की तरफ से भगवत गीता और रामायण के बारे प्रांतीय यूनिवर्सिटियों में एक अलग विभाग कायम किया जायेगा। इस विभाग में देश और विदेशों से शोधकर्ता और विद्वान दोनों धर्म ग्रंथों की वाणी का अध्ययन कर सकेंगे। इसके अलावा धर्म के अध्ययन संबंधी विश्व स्तर के सैमीनार गोष्ठियां इस विभाग की तरफ से करवाई जायेंगी।

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