चालू वर्ष के दौरान स्मार्ट फ़ोन बाँटने, विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा देने, स्मार्ट स्कूल बनाने के लिए तकरीबन 15 हज़ार पद भरने और स्कूली बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे अहम कदम उठाए
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने चालू वर्ष के दौरान स्कूली शिक्षा की कायाकल्प के लिए विद्यार्थियों को स्मार्ट फ़ोन बाँटने, प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक पढऩे वाले सभी विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा देने, स्मार्ट स्कूल बनाने की दिशा की तरफ बड़ी प्रगति करने और अध्यापकों के तकरीबन 15 हज़ार पद भरने और स्कूली बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे अहम कदम उठाए हैं।शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बारहवीं में पढऩे वाले 1.74 लाख विद्यार्थियों को स्मार्ट फ़ोन मुफ़्त मुहैया करवाने के लिए मुहिम आरंभ की है। इसके साथ ही प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक सभी विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा मुहैया करवाने का क्रांतिकारी फ़ैसला लिया है।स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार चालू वर्ष के दौरान प्री-प्राईमरी शिक्षा के लिए 8393 अध्यापकों के पद भरने के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। सीधी भर्ती के द्वारा 154 प्रिंसीपलों, 672 मुख्य अध्यापकों, 38 ब्लॉक प्राईमरी शिक्षा अफसरों, 375 सैंटर हैड टीचर्स और 1558 हैड टीचर्स की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही मास्टर काडर की 3704, ईटीटी काडर के 2364 पदों की भर्ती और सीधी भर्ती के द्वारा 173 प्रिंसीपलों, 337 हैडमास्टरों और 75 ब्लॉक प्राईमरी शिक्षा अफसरों की भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की गई है। सरकारी स्कूलों में दाखि़ले और नतीजों में भी शिक्षा विभाग ने बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है। राज्य भर के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राईमरी कक्षाओं में 3.30 लाख बच्चों का दाखि़ला हुआ है। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखि़लों में इस बार 14.08 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। बोर्ड की बारहवीं कक्षा के मार्च-2020 के नतीजों में 96.95 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ सरकारी स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन किया। विभाग ने प्री-प्राईमरी से बारहवीं तक विद्यार्थियों में नैतिक-मुल्यों का विकास करने के लिए नया विषय ‘स्वागत जि़ंदगी’ शुरू किया गया। इसी दौरान विद्यार्थियों की अंग्रेज़ी भाषा की सामथ्र्य में विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के दौरान सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए ‘पंजाब ऐजूकेयर ऐप’ लाँच की गई और विद्यार्थियों को लगातार कोर्स के साथ जोड़े रखा। अध्यापकों ने ‘घर बैठे शिक्षा’ प्रोग्राम के अंतर्गत ऑनलाइन वीडियो और ऑडियो से क्लासरूम स्थापित करके कोरोना के समय के दौरान भी विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखी है।
श्री सिंगला के निर्देशों अधीन शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार पंजाब उपलब्धि सर्वेक्षण से विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों का मुल्यांकन किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि हुई है। विद्यार्थियों को कोर्स के साथ-साथ भविष्य में वज़ीफ़ा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग मुहिम शुरू करवाई। शिक्षा विभाग ने समूह अध्यापकों और कर्मचारियों के सामथ्र्य निर्माण के प्रोग्राम के अंतर्गत ओरिएंटेशन करवाई गई।विद्यार्थियों को पढ़ाई की बढिय़ा सुविधाएं और माहौल देने के लिए राज्य में 6832 स्मार्ट स्कूल बनाए गए और सरकारी स्कूलों में 4543 नये क्लास रूम बनाने के लिए 341.17 करोड़ रुपए का ख़र्च किया गया है। स्कूलों में फर्नीचर मुहैया करने, बिल्डिंग एैज़ लर्निंग ऐड (बाला) वर्क और स्कूलों में शैक्षिक पार्कों के लिए 35.15 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए हैं। इसी दौरान राज्य के स्कूलों को प्रोजैक्टर और टैबलेट दिए गए हैं।प्रवक्ता के अनुसार आई.सी.टी. के अंतर्गत 613 स्कूलों में नयी कंप्यूटर लैब्ज़ स्थापित की गई हैं और सरकारी स्कूलों में 3048 नये पखानों का निर्माण किया गया है। श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित शैक्षिक मुकाबलों के ऑनलाईन आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साह और श्रद्धा-भावना से भाग लिया।