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मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग मामले में 15 साल की सजा

लाहौर – मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद को आंतकरोधी अदालत ने एक और केस में पंद्रह साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर दो लाख पाकिस्तानी रुपयों का जुर्माना भी किया है। लाहौर की आंतकरोधी अदालत ने जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सहित पांच नेताओं को यह सजा सुनाई है। हाफिज सईद को पहले से ही आतंकी फंडिंग के चार मामलों में 21 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अब सईद को कोट लखपत जेल में कुल 36 साल की सजा काटनी होगी। ये सभी सजा साथ-साथ चलेंगी। पाकिस्तान ने सईद को जेल में वीआइपी प्रोटोकॉल दिया हुआ है।हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र का सूचीबद्ध आतंकवादी है। इस पर अमेरिका ने एक करोड़ डालर का इनाम घोषित किया था। सईद को टेरर फंडिंग के मामले में जुलाई में गिरफ्तार किया गया । फरवरी में उसको टेरर फंडिंग के दो मामलों में 11 साल की सजा सुनाई गई । दो अन्य टेरर फंडिंग मामले में नवंबर में दस साल की सजा हुई। गुरुवार को सईद के साथ जिन चार नेताओं को सजा दी गई है, उनमें अब्दूस सलेम, जफर इकबाल, जेयूडी प्रवक्ता याह्या मुजाहिद और मुहम्मद अशरफ हैं। इन सभी पर जुर्माना भी किया गया है। अदालत ने सईद के साले अब्दुल रहमान मक्की को भी छह महीने की सजा सुनाई है। सजा की सुनवाई के लिए सईद और उसके साथियों को कड़ी सुरक्षा में लाया गया था और मीडिया पर पाबंदी थी। जेयूडी नेताओं पर पाकिस्तान की विभिन्न अदालतों में 41 केस हैं। इनमें से 28 में फैसला हो चुका है। हाफिज सईद के नेतृत्व जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का फ्रंटल संगठन है। इसी संगठन ने मुंबई में आंतकी हमला किया था, जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने हाफिज सईद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया हुआ है। टेरर फंडिंग मामले में फाइनेंशियल टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान पर पूरा दबाव बनाया हुआ है। साथ ही भारत की सीमा पर हो रही आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए भी कहा है।

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