पंजाब

मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार द्वारा काले खेती कानूनों को लागू करने वाले नोटिफिकेशन पर आश्चर्य प्रकट किया

कहा कि आप के दोगलेपन का पर्दाफाश हुआ, अकालियों की आलोचना करने के लिए चूप्पी क्यों नहीं तोड़ते
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के किसानी प्रदर्शन संबंधी दोगलेपन रवैए पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए कहा कि संकट के दौरान ख़तरनाक खेती कानूनों को शर्मनाक तरीके से लागू करने की कार्यवाही ने आप द्वारा किसानों के साथ खड़े होने के दावों से पर्दा उठा दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ़ आम आदम पार्टी संघर्ष कर रहे किसानों का समर्थन करने का दावा कर रही है जबकि दूसरी तरफ़ अरविन्द केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में 23 नवंबर, 2020 को गज़ट नोटिफिकेशन जारी करके क्रूरतापूर्वक इन काले कानूनों को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी स्पष्ट तौर पर अपने चुनावी एजंडे को आगे बढ़ाने के लिए राजसी चालें चल रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि इन दिनों आप किसानों के हितों के खि़लाफ़ काम कर रही थी। उन्होंने इस बात पर हैरानी ज़ाहिर की कि जब किसान ‘दिल्ली चलो’ की तैयारी कर रहे थे तो केजरीवाल सरकार ने उस समय नोटिफिकेशन जारी करके राष्ट्रीय राजधानी में अन्नदाता की मौत के वारंट पर हस्ताक्षर कर दिए।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आप पर हर समय किसान यूनियनों की हिमायत का बहाना करके उनको गुमराह करने का दोष लगाने के लिए निंदा करते हुए पूछा कि क्या आपको कोई शर्म है? उन्होंने कहा कि केजरीवाल की पार्टी सिफऱ् राजसी ड्रामे करने में व्यस्त है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पहले वह केंद्रीय कानूनों को निष्प्रभाव करने के लिए पंजाब की तजऱ् पर दिल्ली विधानसभा में कोई संशोधन बिल पास करने में विफल हुए। अब वह इस बात पर उतर आए हैं कि दिल्ली में कृषि कानून अधिकारित तौर पर नोटीफायी कर दिए जहाँ आप सत्ता में है। पार्टी की असली नीयत और विचारधारा का पर्दाफाश हो गया है।आम आदमी पार्टी द्वारा स्थिति को संभालने और हरियाणा के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेने बारे उनकी की गई आलचोना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लडऩे में जुटे हुए हैं जबकि दूसरी तरफ़ केजरीवाल किसानों की जड़ों में तेल देने की तैयारियाँ कर रहा है जिन्होंने अपने लिए न्याय लेने की ख़ातिर हरियाणा सरकार की सभी ज्यादतियों का बहादुरी से सामना किया। उन्होंने कहा कि किसानों पर किए गए ज़ुल्म की आप ने एक बार भी निंदा नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि यहाँ तक कि अरविन्द केजरीवाल की पार्टी ने खेती कानूनों में अकालियों की भूमिका के लिए उनकी निंदा तक नहीं की।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह भी माना जा रहा है कि दिल्ली में आप सरकार ने राम लीला मैदान और जंतर मंतर में रोष प्रदर्शन करने के लिए किसानों की माँग को भी स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने आप को सवाल करते हुए कहा कि इस समूचे मसले पर वह भाजपा की राह पर क्यों चली।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आप द्वारा दिए गए सुझाव के द्वारा किसानों को मूर्ख बनाने की कड़ी आलोचना की जिसमें आप ने कहा था कि पंजाब सरकार की तरफ से राज्य की विधानसभा में एक बिल पास करके राज्य में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाया जाये। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि या तो आप को किसानी के साथ जुड़ी समस्याओं की समझ नहीं है या फिर शुरू से ही कोई परवाह नहीं।उन्होंने कहा कि यह मान भी लिया जाये कि राज्य के पास पूरा अनाज खरीदने के लिए पैसा भी हो जो आसान बात नहीं है, तो इस अनाज को बेचा कहाँ जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की तरफ से उठाए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य मसलों को सिफऱ् पंजाब के साथ नहीं बल्कि समूचे मुल्क के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आप नेताओं को कहा कि आपको यह नहीं दिखता कि खेती कानूनों के मुद्दे पर सभी कृषि प्रधान राज्यों से किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं या फिर आप अपने संकुचित राजनैतिक हितों से आगे देखना नहीं चाहते।

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