पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा केंद्र सरकार को रेल रोकों के संकट को सुलझाने के लिए उदारता दिखाने और राज्य सरकार को सहयोग देने की अपील

मुख्यमंत्री जल्द ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के साथ करेंगे मुलाकात
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मौजूदा संकट के हल के लिए अपने यत्नों को तेज करते हुये केंद्र सरकार को उदारता दिखाते हुए माल गाडिय़ों की सेवाओं की बहाली को यात्री रेलों के यातायात से न जोडऩे की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को लंबे समय से चल रहे किसानों के संघर्ष को ख़त्म करने के लिए सुखद माहौल सृजन करने के लिए राज्य सरकार को सहयोग करने की भी अपील की है क्योंकि इस आंदोलन का राज्य और मुल्क पर गंभीर प्रभाव हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रांतीय और केंद्र सरकारों, दोनों की साझी जि़म्मेदारी बनती है कि रेल सेवाओं के मुअतली से पैदा हुए मौजूदा संकट को सुलझाने के लिए रचनात्मक माहौल मुहैया करवाया जाये। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री जल्द ही चण्डीगढ़ में किसान यूनियनों के साथ मीटिंग करने के साथ-साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री और केंद्र गृह मंत्री को मिलेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही इस मुद्दे पर किसान जत्थेबंदियों के नुमायंदों के साथ विचार-चर्चा करने के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्दर मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात करना चाहते हैं क्योंकि मौजूदा स्थिति से राज्य के खजाने को बड़ा घाटा पडऩे के साथ-साथ उद्योग और कृषि को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह दोनों पक्षों को समस्या का सुखद हल ढूँढने के लिए सक्रिय कदम उठाने की अपील करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल यातायात की निरंतर मुअतली से न सिफऱ् पंजाब बल्कि पड़ोसी राज्यों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि लद्दाख़ और कश्मीर में फ़ौज भी प्रभावित हुई है क्योंकि लंबे समय से रेल सेवा ठप्प होने के कारण सप्लाई पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि इस स्थिति को तुरंत हल करने की ज़रूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार को रेल गाडिय़ों का यातायात शुरू करने संबंधी उदारता से विचार करने की विनती की क्योंकि किसानों ने फ़ैसला किया है कि माल गाडिय़ों की सेवा फिर शुरू होने के बाद वह मुसाफिऱ गाडिय़ों को न रोकने संबंधी विचार करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को भी मुसाफिऱ रेल गाडिय़ों को रास्ता देकर हालात आम की तरह बनाने के लिए राज्य सरकार की मदद करनी चाहिए क्योंकि प्रांतीय सरकार ने कृषि कानूनों के खि़लाफ़ लड़ाई में पूरा समर्थन दिया है।राज्य में उद्योग और आर्थिकता को हुए करोड़ों रुपए के नुकसान की बात करते हुये उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि न तो पंजाब और न ही देश इस स्थिति को अनिश्चिित समय के लिए जारी रख सकता। उन्होंने कहा कि रेल सेवाएं ठप्प होने के कारण अनाज, खाद्य पदार्थों और यूरिया आदि की सप्लाई रुकने के कारण कृषि सैक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

two × 1 =

Most Popular

To Top