पंजाब

किसानों को भूमि आवंटन के लिए काश्त और कब्ज़े की शर्त घटाकर 10 साल की – राणा सोढी

स्पीकर द्वारा ‘पंजाब (छोटे एवं सीमांत किसानों का कल्याण व निपटारा) राज्य सरकार भूमि आवंटन बिल, 2020’ में संशोधन को मंजूरी

चंडीगढ़ – पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आज आखिऱी दिन खेल, युवक सेवाएं एवं प्रवासी भारतीय मामलों बारे मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी के सुझाव के बाद ‘पंजाब (छोटे एवं सीमांत किसान कल्याण व निपटारा) राज्य सरकार भूमि आवंटन बिल, 2020’ के अंतर्गत काश्तकार और काबिज़ छोटे और सीमांत किसानों को ज़मीन के आवंटन के लिए 12 साल की शर्त को घटाकर 10 साल कर दिया गया।पंजाब विधानसभा में राजस्व मंत्री की तरफ से पेश किये गए बिल पर बहस के दौरान राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि यदि इस बिल की आवंटन सम्बन्धी 12 साल की शर्त घटाकर 10 साल कर दी जाती है तो इससे हज़ारों अन्य लोगों को सीधे तौर पर फ़ायदा पहुँचेगा।विभाजन के समय पाकिस्तान से आकर सरहदी क्षेत्रों में बसे लोगों की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए खेल मंत्री ने कहा कि 12 साल की शर्त के कारण सरहदी क्षेत्र के बहुत से लोग इस कानून के अंतर्गत लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। इसलिए 12 साल की शर्त को घटाकर 10 साल किया जाये।इस मुद्दे पर राजस्व मंत्री श्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के उपरांत कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बिल के अंतर्गत ज़मीन अलॉटमैंट के लिए शर्त घटाकर 10 साल करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह ने भी संशोधन को मंजूरी दे दी जिसके अंतर्गत अब लाभ लेने के लिए अपेक्षित समय घटाकर 10 साल कर दिया गया है।जि़क्रयोग्य है कि पंजाब (छोटे एवं सीमांत किसान कल्याण व निपटारा) राज्य सरकार भूमि आवंटन बिल, 2020 के अंतर्गत 10 साल से अधिक समय से ज़मीन पर काबिज़ और काश्त कर रहे छोटे और सीमांत किसानों को सरकार की तरफ से निर्धारित वाजिब कीमतों पर ज़मीन अलॉट की जायेगी जिससे किसानों और राज्य सरकार दोनों के हितों की रक्षा यकीनी बनेगी। यह किसान हितैषी कदम लम्बित पड़े मुकद्मों के निपटारे में भी सहायक होगा।

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