पंजाब

डॉ. बी.आर. अम्बेदकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल साइंसज़ 100 मैडीकल विद्यार्थियों के दाखि़ले के साथ कक्षाएं शुरू करने के लिए तैयार

बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने अपनी पहली मीटिंग में लिए अहम फैसले
चंडीगढ़ – राज्य में किफ़ायती और मानक डॉक्टरी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार डॉ. बी.आर. अम्बेदकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल साइंसज़, एस.ए.एस. नगर मोहाली में 100 एम.बी.बी.एस. विद्यार्थियों के दाखि़ले के साथ इसी शैक्षिक सैशन से कक्षाएं शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ‘बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट’ की पहली मीटिंग के दौरान यह बताया गया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इसी सैशन से संस्था को कार्यशील बनाने के लिए हर संभव सहायता देने का वादा किया था। स्वास्थ्य संबंधी पंजाब सरकार के सलाहकार डॉ. के.के. तलवाड़ ने मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में मैंबर पार्लियामेंट मनीश तिवाड़ी, विधायक कुलजीत सिंह नागरा, प्रमुख सचिव मैडीकल शिक्षा एवं अनुसंधान डी.के. तिवाड़ी, बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसज़ के उप कुलपति और डायरैक्टर मैडीकल शिक्षा एवं अनुसंधान डॉ. अवनीश कुमार, डायरैक्टर पीजीआई डॉ. जगत राम, डायरैक्टर प्रिंसिपल मनजीत कौर मोही और मुख्य आर्कीटैक्ट सपना मौजूद थे।प्रवक्ता ने बताया कि मैनेजमेंट बोर्ड को यह बताया गया कि अस्पताल और कॉलेज की इमारत के नवीनीकरण का काम समय पर मुकम्मल कर दिया जायेगा जबकि मशीनरी, उपकरण और अन्य ज़रूरी सामग्री की खरीद पहले ही की जा रही है। प्रवक्ता ने बताया कि मैडीकल फेकल्टी और पैरा-मैडीकल की भर्ती जल्द की जाएगी क्योंकि इस सम्बन्धी इश्तिहार जारी हो चुका है और इंटरव्यू प्रक्रिया भी मार्च के आखिर में शुरू हो जाएगी।बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने यह भी फ़ैसला किया है कि भविष्य की योजनाबंदी इस तरीके से की जाएगी कि यह संस्था क्षेत्र में बढिय़ा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करे। फर्नीचर और अन्य ज़रुरी उपकरणों की खरीद में तेज़ी लाने के लिए बोर्ड ने विभिन्न सेवाओं, विभिन्न खरीद कमेटियों के गठन आदि के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.आर. अम्बेदकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल साइंसज़ खुलने से चार दशकों के अंतराल के बाद राज्य में सरकारी मैडीकल कॉलेज खुलने जा रहा है।जि़क्रयोग्य है कि राज्य सरकार ने राज्य में किफ़ायती डॉक्टरी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों की उपबद्धता को बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में तीसरे दर्जे की सेवाओं को बेहतर बनाने और जि़ला अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के प्रयोग सम्बन्धी योजना पहले ही बना ली गई है।

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