पंजाब

पंजाब में बारहवीं तक सबके लिए शिक्षा मुफ़्त; शिक्षा मंत्री सिंगला ने वित्त मंत्री का किया धन्यवाद

सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जल संरक्षण प्रणाली स्थापित करने के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रस्ताव
चंडीगढ़ – पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने पंजाब सरकार द्वारा बजट में पंजाब भर के सभी विद्यार्थियों के लिए बारहवीं तक शिक्षा मुफ़्त करने के क्रांतिकारी कदम का स्वागत किया है और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का धन्यवाद किया है। जि़क्रयोग्य है कि मौजूदा समय में आठवीं तक सभी विद्यार्थियों और बारहवीं श्रेणी तक सभी लड़कियों को मुफ़्त शिक्षा मुहैया करवाई जा रही है। अब सरकार ने बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा मुहैया करवाने का फ़ैसला किया है।श्री सिंगला ने बताया कि वित्त मंत्री ने स्कूली शिक्षा के लिए वर्ष 2020-21 के बजट में कुल 12,488 करोड़ रुपए का उपबंध किया है, जो कुल ख़र्च का 8 प्रतिशत है। यह राशि 2016-17 के बजट की अपेक्षा 23 प्रतिशत ज्य़ादा है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने ‘कैच दैम यंग’ (बचपन में ही प्रशिक्षण) के मोटो का अनुसरण करते हुए प्राईमरी शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। राज्य में प्राईमरी शिक्षा पर और ज्य़ादा ज़ोर देने और प्राईमरी स्कूल तक प्रवेश में वृद्धि के उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए मुफ़्त परिवहन सुविधा के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए रखे हैं।शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान सरकारी स्कूलों में 4150 अतिरिक्त क्लासरूमों के निर्माण के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। इसके अलावा स्कूली इमारतों के रख-रखाव के लिए सहृदय यत्न किये जा रहे हैं। इस मंतव्य के लिए वर्ष 2020-21 के बजट में 75 करोड़ रुपए का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रोजैक्टर मुहैया करवा कर हाई स्कूलों और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के सभी कमरों को स्मार्ट कमरों में तबदील करने का यत्न कर रही है। राज्य ने पहले ही स्मार्ट स्कूल नीति अधिसूचित कर दी है और डिजिटल एजुकेशन के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं।लड़कियों की शिक्षा पर ज़ोर देते हुए श्री सिंगला ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार माहिर कराटे ट्रेनरों के द्वारा 50 साल से कम उम्र की सभी महिला अध्यापकों को प्रशिक्षण दे रही है। वर्ष 2019-20 के दौरान 261 महिला अध्यापकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में लड़कियों को सैनेटरी नैपकिन मुहैया करवाए जा रहे हैं। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए 13 करोड़ रुपए ख़र्च करने का प्रस्ताव है।शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले पड़ाव में 259 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूलों में 10 किलोवॉट के सोलर प्लांट स्थापित करने की इच्छुक है, जबकि दूसरे पड़ाव में 621 और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में यह प्रणाली लगाई जायेगी। उन्होंने बताया कि राज्य के नौजवानों में जल संरक्षण के प्रति चेतना पैदा करने के लिए सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जल संरक्षण प्रणाली की स्थापति के लिए बजट में 25 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

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