पंजाब

जनगणना 2021 की सफलता के लिए राज्य स्तरीय काँफ्रेंस

अतिरिक्तमुख्य सचिव संजय कुमार द्वारा जनगणना की महत्ता संबंधी आम लोगों को जागरूक करने पर ज़ोर
चंडीगढ़ – जनगणना -2021 के कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए शुक्रवार को यहाँ पंजाब भवन में पंजाब के डिविजनल कमिश्नरों और डिप्टी कमिश्नरों के अलावा चण्डीगढ़ (यूटी) के सीनियर अधिकारियों की राज्य स्तरीय कॉन्फ्ऱेंस करवाई गई।इस कॉन्फ्ऱेंस की अध्यक्षता करते हुये अतिरिक्त मुख्य सचिव स्थानीय निकाय-कम -नोडल अफ़सर श्री संजय कुमार ने इस बेहद अहम कार्य की महत्ता संबंधी आम लोगों को जागरूक करने और इस कार्य में शामिल सरकारी मुलाजि़मों को प्रशिक्षण देने पर ज़ोर दिया।डायरैक्टर जनगणना पंजाब और चण्डीगढ़ डा. अभिषेक जैन ने जनगणना 2021 से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों संबंधी प्रैजऩटेशन देते हुये कहा कि जनगणना 2021 का 45 दिनों का पहला पड़ाव पंजाब में 15 मई से 29 जून, 2020 तक और चण्डीगढ़ में 15 अप्रैल से 30 मई, 2020 तक होगा। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों और म्यूंसिपल कमिश्नरों की अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में प्रमुख जनगणना अफ़सर के तौर पर भूमिका और जिम्मेदारियों संबंधी विस्तृत जानकारी दी। निर्धारित समय में हरेक गतिविधि को सफलतापूर्वक मुकम्मल करने पर ज़ोर देते हुये उन्होंने फील्ड गतिविधियों की समीक्षा भी की। इस दौरान पंजाब और यू.टी. चण्डीगढ़ जनगणना डायरैक्टोरेट के अधिकारियों की तरफ से जनगणना संबंधी मोबाइल एप और सी.एम.एम.एस. पोर्टल पर कामकाज संबंधी जानकारी दी गई।रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना कमिश्नर, भारत डा. विवेक जोशी ने बताया कि मोबाइल एप के द्वारा आंकड़े एकत्रित किये जाएंगे और यदि किसी ऐनूमीरेटर (आंकड़े एकत्रित करने वाला) मोबाइल एप चलाने में असमर्थ रहता है तो वह रिवायती ढंग से पेपर के द्वारा भी आंकड़े इकठ्ठा कर सकता है। उन्होंने कहा कि फील्ड कर्मियों को इस बार पहले की अपेक्षा ज़्यादा मेहनताना दिया जायेगा। डिजिटल फॉर्मेट के द्वारा जानकारी एकत्रित करने वाले कर्मियों को अतिरिक्त भत्ता दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एकत्रित की गई जानकारी को जल्दी और आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए मोबाइल एप का और ज्यादा प्रयोग यकीनी बनाने के लिए यह कोशिश की गई है।श्री संजय कुमार ने कहा कि जनगणना के आंकड़े ज़मीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने और ख़ास क्षेत्र और वर्ग के लिए योजनाएँ लाने में अहम भूमिका निभाते हैं और कोई प्रशासकीय, आर्थिक या सामाजिक काम इन आंकड़ों के बगैर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनगणना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में से जमीनी स्तर से आंकड़े एकत्रित करने का एकमात्र कारगर साधन है। जनगणना की ‘पेपर’ से ‘डिजिटल मोड’ में तबदीली की सराहना करते हुयेे उन्होंने कहा कि यह कदम कागज़ी कामकाज को घटाने के अलावा यह जानकारी को तेज़ी और आसानी के साथ मुहैया कराने में मददगार होगा।संयुक्त डायरैक्टर श्री मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पंजाब में पाँच डिविजऩें हैं जिनमें 22 जि़ले, 91 तहसीलें, स्टैचरी स्टेटस वाले 170 कस्बे, 95 जनगणना कस्बे (नॉन -स्टैचरी) और 12,477 गाँव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तकरीबन 67555 ऐनूमीरेटर और सुपरवाइजऱ राज्य के लगभग 60 लाख घरों से अंदाजऩ 3 करोड़ से अधिक आबादी संबंधी आंकड़े एकत्रित करेंगे।

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