भारत

एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की ज़रूरत नहीं

एनपीआर अपडेट करते वक्त नही मांगा जाएगा नागरिकों से कोई दस्तावेज, न ही किसी बॉयोमैट्रिक की होगी जरुरत, गृहमंत्रालय के मुताबिक एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच घर-घर जाकर ली जाएगी जानकारी।गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि एनपीआर अपडेट करने के दौरान आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड के बारे में जानकारी मांगी जा सकती है, हालांकि इसके लिए दस्तावेज़ नहीं मांगे जाएंगे। एनपीआर को अपडेट करते वक़्त ना तो किसी तरह के दस्तावेज़ की मांग की जाएगी और ना ही कोई बायोमैट्रिक डाटा लिया जाएगा।सूत्रों ने बताया कि एनपीआर को सिर्फ़ अपडेट किया जा रहा है, जिसमें पहले से ही 119 करोड़ लोगों का डाटाबेस है। एनपीआर को अपडेट करने की प्रक्रिया मकान सूचीकरण के साथ ही यानी 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 के बीच पूरी की जाएगी। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक रजिस्टर अपडेट करने को लेकर पिछले साल ही अधिसूचना जारी कर दिया गया था, जिसे सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने दुबारा अधिसूचित किया गया।इतना ही नहीं जनगणना की तरह एनपीआरके लिए भी प्री टेस्ट सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुआ था, जिसमें ना तो किसी तरह की दिक्कत आई और ना ही कोई शिकायत सामने आई। पहली बार एनपीआर साल 2010 में तैयार किया गया था, साल 2015 में एनपीआर को अपडेट किया गया था।

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