पंजाब

पीपीआईएस-2019 के दौरान प्रतिनिधियों द्वारा पंजाब को चिकित्सा पर्यटन केन्द्र के तौर पर विकसित करने हेतु यहां से और अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की मांग

एसएएस नगर – प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट-2019 के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न प्रतिनिधियों ने पंजाब से और अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग की ताकि चिकित्सा पर्यटन केन्द्र के रूप में उभरने की राज्य की व्यापक क्षमता का उपयोग किया जा सके।‘इंटरनेशनल एंड डोमेस्टिक मेडिकल टूरिज्म के केन्द्र के तौर पर पंजाब को विकसित करना’, विषय संबंधी हुए सत्र के दौरान मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि पंजाब अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे, कुशल मानवशक्ति और सरकार के सहयोग के साथ-साथ यहां के बढिय़ा आतिथ्य क्षेत्र के चलते एक आदर्श राज्य है जो चिकित्सा पर्यटन के एक केंद्र के रूप में उभरने के लिए पूर्ण क्षमता रखता है।प्रतिनिधियों ने जोर देते हुए कहा कि इसके लिए पंजाब सरकार को चाहिए कि वह उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान जैसे सीआइएस देशों से राज्य में और अधिक सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लाने के साथ-साथ प्रवासी भारतीय मरीज़ों को आकर्षित करने हेतु अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के प्रवासी भारतीयों की ज़रूरत को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाले।सत्र के शुरुआत में पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, अनुराग अग्रवाल ने राज्य में विश्व स्तरीय चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं और कुशल श्रमशक्ति की उपलब्धता के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों हेतु तैयार रूपरेखा संबंधी एक एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि पंजाब में 6 मेडिकल कॉलेज, 13 डेंटल कॉलेज और बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज हैं। उन्होंने आगे कहा कि फोर्टिस, आइवी, मैक्स, अपोलो, मेडकार्ड, स्विफ्ट अस्पताल, ग्रीशियन, ग्लोबल, कैपिटल, सीएमसी, डीएमसी जैसे प्रमुख हेल्थकेयर के दिग्गजों के राज्य में अस्पताल मौजूद हैं।प्रमुख सचिव ने बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से संगरूर में स्थापित 100-बेड वाले होमी बाबा कैंसर अस्पताल ने केवल दो वर्षों में 7000 रोगियों का इलाज किया है और पांच वर्षों में 12,000 रोगियों का पंजीकरण किया है। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का राज्य के प्रमुख शहरों में भी काफी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नए संस्थानों और विस्तार परियोजनाओं के लिए अन्य बड़े समूहों के साथ गंभीर चर्चा जारी है।उन्होंने कहा कि अगले साल चंडीगढ़ से सटे 350 एकड़ के अनुमानित क्षेत्र में एक नए मैडिसिटी के लिए मेडिकल इको-सिस्टम स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख दिग्गज यहां अपने स्वास्थ्य सेवा संस्थान स्थापित कर रहे हैं।पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. केके तलवार ने कहा कि पंजाब में पहले से ही मध्य एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन के एनआरआई और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह 2173 से अधिक मल्टी-स्पेशलिटी और सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों में नेत्र-चिकित्सा, कार्डियोलॉजी, आईवीएफ, कूल्हे और घुटने के प्रतिस्थापन, दंत चिकित्सा, गाल ब्लैडर को हटाने आदि के लिए उन्नत उपचार सुविधाओं के एक स्वास्थ्य सेवा वितरण तंत्र की मजबूत उपस्थिति के कारण संभव है। मेडिकल कॉलेजों से लेकर नर्सिंग कॉलेजों, फार्मेसी कॉलेजों और अनुसंधान संस्थानों तक में उपलब्ध मानक शिक्षा की एक मजबूत उपस्थिति इस तंत्र को पूरा करती है और इससे राज्य को आनिवार्य मानव पूंजी उपलब्ध हो रही है।डॉ. केके तलवार के अलावा चर्चा में भाग लेने वालों में डॉ. आशुतोष रघुवंशी, एमडी एंड सीईओ फोर्टिस हेल्थकेयर, डॉ. अनुपम सिब्बल, ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर अपोलो अस्पताल, सीडीआर जेलसन कवलक्कत, सीईओ एस्टर मेडसिटी कोच्ची, डॉ. कंवलदीप कौर, मेडिकल डायरेक्टर आइवी हॉस्पिटल्स और डायरेक्टर सर्विस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, श्रीमती संगीता गोडबोले, आईआरएस शामिल थे।इस सत्र में मुंबई, केरल, नई दिल्ली, अमृतसर, जालंधर, मोहाली और लुधियाना के बड़े अस्पतालों के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी भाग लिया।

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