पंजाब

पंजाब सरकार द्वारा जम्मू -कश्मीर के किसानों के लिए विशेष कृषि प्रशिक्षण कैंप की पेशकश

मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा मुक्त) श्री टी.एस. शेरगिल ने पंजाब के दौरे पर आ रहे कश्मीर के सभी किसानों को राज्य द्वारा सहयोग का दिया भरोसा

चंडीगढ़ – जम्मू-कश्मीर को कृषि सैक्टर में हर तरह के सहयोग का भरोसा देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शुक्रवार को सीमावर्ती राज्य के किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कैंपों की पेशकश की गई जिससे तकनीकी और उत्पादों सम्बन्धी जानकारी का आदान -प्रदान किया जा सके।आज प्रात:काल यहाँ पंजाब भवन में भारतीय सेना के ऑप्रेशन सद्भावना के हिस्से के तौर पर पंजाब का दौरा करने वाले अखनूर तहसील के किसानों के समूह के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री के सीनियर सलाहकार लैफ्टिनैंट जनरल (सेवा मुक्त) श्री टी.एस शेरगिल ने डायरैक्टर कृषि को जम्मू-कश्मीर के किसानों को पूरा सहयोग देने और जल्द से जल्द पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी (पी.ए.यू.) लुधियाना में किसानों के लिए विशेष प्रोग्रामों का आयोजन करने के लिए एक प्रणाली विकसित करने के लिए कहा।दोनों राज्यों के बीच कृषि इकौसिस्टम की समानताओं को दिखाते हुए जनरल शेरगिल ने विभाग को इस विशेष प्रोग्राम को सुचारू ढंग से चलाने की संभावना जानने के लिए भी कहा जिससे पड़ोसी राज्यों के किसानों के साथ मशीनी तकनीकों और खेतबाड़ी के तरीकों संबंधी जानकारी के निरंतर आदान-प्रदान को यकीनी बनाया जा सके।श्री शेरगिल ने स्पष्ट किया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब ने खेती विभिन्नता के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि धान और गेहूँ की विभिन्न किस्में बीजने के लिए जम्मू और कश्मीर के साथ अपने आधार स्रोतों को साझे करके हम गर्व महसूस कर रहे हैं।साल 1996 से 1998 तक अखनूर क्षेत्र में 10 डिवीजऩ का नेतृत्व करने वाले जनरल शेरगिल ने उस समय के अपने सेवा काल को याद करते हुए सेना द्वारा विभिन्न विचारों को एक रचनात्मक मंच प्रदान करने के लिए सेना की पीठ थपथपाई।मेजर अमित चौधरी के नेतृत्व में 25 किसानों के समूह ने जनरल शेरगिल को सम्मान चिह्न भी भेंट किया। इस दौरे में शामिल किसानों ने पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी और गुरू अंगद देव वैटरनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी, लुधियाना का भी दौरा किया और अनमोल अतिथि-सत्कार और सहयोग के लिए सरकार का धन्यवाद किया।इस मौके पर अन्यों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास श्री विसवजीत खन्ना, डीजीपी इंटेलिजेंस श्री वी. के. भावरा, कृषि विभाग के डायरैक्टर श्री सुतंतर कुमार, सीनियर सलाहकार के ओ.ऐस.डी करन सिंह और कृषि विकास अधिकारी डा. सुरिन्दरपाल सिंह भी शामिल थे।

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