पंजाब

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर टाडा कैदियों को रिहा करने सम्बन्धी राज्य सरकार का प्रस्ताव स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री द्वारा अमित शाह का धन्यवाद

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा ऐतिहासिक मौके पर मानवतावादी स्नेह के तौर पर 550 कैदियों को रिहा करने के लिए राज्य सरकार के फैसले का ऐलान

चंडीगढ – श्री गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व के सम्बन्ध में देश में 9 सिख कैदियों को विशेष माफी देने संबंधी राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज रात गुरपर्व के ऐतिहासिक मौके पर मानवतावादी स्नेह के तौर पर 550 कैदियों को रिहा करने के लिए अपनी सरकार के फैसले का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने टाडा के अधीन कैदी जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं और इनकी रिहायी पंजाब या देश की अमन-शान्ति और सुरक्षा के लिए हानिकारक नहीं है, की रिहायी के लिए राज्य के प्रस्ताव को स्वीकृत करने सम्बन्धी केंद्र सरकार के फैसले की श्लाघा की। 14 सितम्बर, 2019 को एक पत्र के द्वारा मुख्यमंत्री ने श्री शाह को मानवीय आधार पर स्नेहपूर्ण कदम के तौर पर राज्य सरकार के औपचारिक प्रस्ताव को स्वीकृत करने की अपील की थी। केंद्र सरकार ने अब एक कैदी की मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने और आठ अन्य को समय से पहले रिहा करने का फैसला किया है। केंद्र द्वारा प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए श्री शाह का धन्यवाद करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की यह कैदी अपना समय जेलों में बीता चुके हैं और अब बुजुर्ग अवस्था में हैं जो अपने परिवारों के साथ फिर मिल बैठने और अपने बच्चों के साथ बाकी रहता जीवन बिताने के हकदार हैं। उन्होंने कहा की यह व्यक्ति समाज के लिए किसी भी तरह का खतरा नहीं हैं और श्री गुरु नानक देव जी का 550 साला प्रकाश पर्व के पवित्र के मौके पर यह कदम गुरु साहिब के रहमदिली के फलसफे के पूरी तरह अनुकूल है।मुख्य मंत्री का यह प्रतिक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक पत्र के संदर्भ में सामने आयी की यह फैसला किया गया है कि मानवतावादी स्नेह के तौर पर श्री गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व के मौके पर देश की विभिन्न जेलों से 9 सिख कैदियों के लिए विशेष इंतजाम किये जाएं। इन कैदियों की रिहायी के लिए सम्बन्धित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजा गया है। इन कैदियों को पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान इनकी तरफ से किये अपराध के लिए देश में विभिन्न अदालतों द्वारा दोषी ठहराया गया था।टाडा कैदियों में से बहुत से 18 से 28 साल के दर्मियान उम्र कैद की सजा भुगत चुके हैं और पंजाब सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि सरकार यह महसूस करती है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय को लंबे समय से जेलों में कैद ऐसे दोषियों/ कैदियों को रिहा कर दिया जाना चाहिए जो राज्य सरकार के मुताबिक समाज के लिए किसी तरह का खतरा नहीं हैं। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों और कानून की पालना में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से यदि इन कैदियों को रिहा किया जाता है तो उसे कोई एतराज नहीं होगा।

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