भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज मोहाली में खेला जाएगा दूसरा टी-20 मुकाबला, बारिश के कारण धर्मशाला में पहला मैच हुआ था रद्द, टीम इंडिया मार्च के बाद स्वदेश में खेलेगी पहला मुकाबला।धर्मशाला में पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ने के बाद भारत आज मोहाली में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत के साथ तीन मैचों की श्रृंखला में बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगा। युवा जोश से लबरेज़ कोहली एंड कंपनी के लिए अगले साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भी बेहद अहम है। कप्तान कोहली पहले ही अपनी अपनी विस्तृत योजना बना चुके हैं और उन्होंने बता दिया है कि उन्हें टीम में शामिल युवाओं से बेहद उम्मीदें हैं। मिशन वेस्टइंडीज में शान से क्रिकेट के तीनो फोर्मेट में जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया घरेलू सरजमीं पर साउथ अफ्रीका से निपटने को तैयार है। ऐसे में कप्तान विराट कोहली समेत टीम मैनेजमेंट अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में अभी से लगा हुआ है। जिसके चलते साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों को आराम जबकि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है।वनडे और टेस्ट के बाद टी20 टीम में भी टीम इंडिया के लिए कुछ पहलू सरदर्द बने हुए हैं। जिनका हल टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में निकालना चाहेगी। आईसीस विश्वकप 2019 से जब चोटिल होकर शिखर धवन टीम से बाहर हुए उसके बाद से वो अपनी फॉर्म से झूझ रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में शिखर के बल्ले से सिर्फ 44 रन निकले जबकि वनडे सीरीज की बात करने तो शिखर दो मैचों में कुल 38 रन बना पाए। ऐसे में टीम इंडिया के लिए मिशन 2020 विश्वकप को देखते हुए शिखर धवन की फॉर्म एक बहुत बड़ी चिंता का विषय है। मध्यक्रम समस्या लम्बे समय से टीम इंडिया का सर दर्द बनी हुई है। मध्यक्रम में कौन फिट बैठेगा श्रेयस अय्यर या मनीष पाण्डेय, इस सवाल का जवाब भी टीम मैनजेमेंट को जल्द ही ढूँढ़ निकालना होगा। हालाँकि इस रेस में श्रेयस अय्यर आगे चल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर टीम इंडिया के लिए नम्बर चार बल्लेबाजी करते हुए शानदार 65 रनों पारी 41 गेंदों में खेली थी। जबकि मनीष पाण्डेय को रिषभ पंत के बाद आने के कारण उन्हें ज्यादा मौकें भी नहीं मिलें। ऐसे में जिस तरह श्रेयस अय्यर की फॉर्म चल रही है उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि उन्हें नंबर चार पर जबकि मनीष पाण्डेय और ऋषभ पंत के बीच संदेह जारी रहेगा कि कौन सा बल्लेबाज नंबर पांच के लिए उपयुक्त होगा। हांलाकि टीम इंडिया के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता ऋषभ पंत की गैरजिम्मेदाराना बल्लेबाजी बनी हुई है। वो किसी भी समय खराब शॉट खेलकर टीम को बीच मझदार में छोड़कर चले जाते है। जिसका टीम को बुरा खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऋषभ के इसी रवैये को लेकर कोच शास्त्री और विराट कोहली ने इशारा कर दिया है कि ऋषभ पंत ने अगर सुधार नहीं किया तो वो आगे भी बढ़ सकते हैं। उनकी बल्लेबाजी चिंता का सबब है।