पंजाब

जापान की नामी स्टील कंपनी आइची का पंजाब की वर्धमान स्पैशल स्टील के साथ साझेदारी

निर्यात, स्टील उत्पादन और रोजग़ार के मौकों में होगी बढिय़ा वृद्धि
चंडीगढ़ – पंजाब में बदली औद्योगिक नुहार का लाभ लेते हुए जापान की नामी स्टील बनाने वाली कंपनी आइची ने लुधियाना की वर्धमान स्पैशल स्टील के साथ सांझ डालते हुए राज्य में स्टील बनाने, स्टील के निर्यात और रोजग़ार के मौकों का दायरा और विशाल कर दिया है।जापान की टोयोटा मोटर निगम की सहयोगी आइची पंजाब में वर्धमान के द्वारा आधुनिक स्टील प्रौद्यौगिकी का प्रसार करने के साथ-साथ राज्य में बनने वाली स्टील की गुणवत्ता में सुधार के अलावा इसको बनाने पर आने वाली लागत में किफ़ायत और अन्य सुधार लाएगी। जापान और लुधियाना की कंपनियों के बीच सांझ के साथ पंजाब (भारत) और जापान के औद्योगिक संबंधों में विश्वास और भरोसे को और बल मिलेगा। ‘निवेश पंजाब’ के एक प्रवक्ता ने बताया कि दोनों कंपनियों में सांझ को अमल में लाने से पहले भारत में जापान के राजदूत केंजी हीरामातसू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के बीच राज्य में औद्योगिक और निवेश पक्षों को लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ में तीन मीटिंगें भी हुई थीं। यह सांझ मुख्यमंत्री द्वारा ‘मेक इन पंजाब’ के सपने को साकार करने में और राज्य के अंदर निरंतर औद्योगिक विकास यकीनी बनाने में सहायक होगी।जि़क्रयोग्य है कि वर्धमान स्पैशल स्टील के वाइस चेयरमैन और एम.डी सचित जैन ने जापान के राजदूत केंजी हीरामातसू समेत बीते दिनों नई दिल्ली में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को इस हिस्सेदारी से अवगत करवाया था। मुख्यमंत्री ने विदेशी राजदूतों को पंजाब में न्योता देने से पहले दोनों के साथ मीटिंग करते हुए सरकार द्वारा औद्योगिक विकास के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया था।प्रवक्ता ने बताया कि वर्धमान और आइची की हिस्सेदारी क्षेत्र वाले अन्य औद्योगिक इकाईयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों के द्वारा आधुनिक प्रौद्यौगिकी के लाभ के लिए अहम मिसाल कायम करेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्टील पॉलिसी के अंतर्गत 2030 तक 300 मीट्रिक टन कच्ची स्टील के निश्चित लक्ष्य के अनुकूल है।इस हिस्सेदारी सम्बन्धी और जानकारी देते हुए वर्धमान स्पैशल स्टील के वाइस-चेयरमैन और एम.डी सचित जैन ने बताया कि इसका उद्देश्य भारत में ऑटोमोटिव कंपनियों के लिए विशेष स्टील ग्रेड तैयार करना है जो कि इस समय आयात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में तैयार की गई स्पैशल ग्रेड स्टील को दक्षिणी एशिया और यूरोप को भी निर्यात किया जायेगा।आइची के प्रमुख ताकाहीरो फूजीओका ने कहा कि इस हिस्सेदारी से आइची अपने स्पैशल स्टील के व्यापार की नींव को और मज़बूत करने के साथ-साथ इसकी गुणवत्ता में सुधार और वैश्विक स्तर पर लागत में सुधार लाएगा।प्रवक्ता ने बताया कि वर्धमान पिछले 40 साल से स्टील उद्योग में है जिसके मुख्य ग्राहकों में टोयोटा, हीरो मोटो कोरप., कैटरपिलर, हीनो मोटरज़, बोश आदि हैं। उन्होंने बताया कि वर्धमान स्पैशल स्टील इंजीनियरिंग, ऑटोमैटिक ट्रैक्टर, बेरिंग और सहायक उद्योगों की उच्च क्वालिटी की स्टील जरूरतों की पूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लुधियाना में स्थित वर्धमान यूनिट वित्तीय साल 2018 में सालाना पैदावार सामथ्र्य 1,80,000 टन के साथ 11.8 बिलियन बिक्री आंकड़े थे।जि़क्रयोग्य है कि इस समझौते के अंतर्गत आइची की 50 करोड़ रुपए के विशेष लाभ वर्धमान स्पैशल स्टील में करीब 11.4 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

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