बादल परिवार की बहु आनन्दपुर साहिब प्रस्ताव और अकाली दल के संघीय ढांचे के प्रति अपना स्टैंड स्पष्ट करे
चंडीगढ़ – केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा धारा 370 और 35 ए ख़त्म करने को उपलब्धि बताने के दिए बयान को आड़े हाथों लेते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और सीनियर कांग्रेसी नेता स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि अकाली मंत्री को इसके बदले समूचे पंजाबियों से माफी माँगनी चाहिए।स रंधावा ने कहा कि सारी उम्र संघीय ढांचे के नाम पर रोटियाँ सेकने वाले अकाली दल के इतिहास का कल काला दिन था जब अकाली दल पर पूरी तरह काबिज़ बादल परिवार की बहु ने मोदी सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियां गिनाते हुए जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और 35 ए ख़त्म करने को अपनी सरकार की उपलब्धि बताई। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को तो अब यह शक ही नहीं बल्कि पूरा यकीन हो गया है कि हरसिमरत बादल को अकाली दल के 1967 के मैनीफैस्टो, बटाला कॉन्फ्ऱेंस और 1973 के आनन्दपुर साहिब के प्रस्ताव संबंधी बिल्कुल भी जानकारी नहीं होगी।कांग्रेसी नेता ने हरसिमरत कौर बादल को सवाल करते हुए कहा कि वह आनन्दपुर साहिब के प्रस्ताव और अकाली दल के संघीय ढांचे संबंधी अपना स्टैंड स्पष्ट करे। उन्होंने इस मुद्दे पर अकाली दल के सुप्रीमो प्रकाश सिंह और अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को भी अपना पक्ष बताने के लिए कहा है कि वह अभी भी पंजाब के लिए धारा 370 की माँग और देश के संघीय ढांचे को मज़बूत करने की वकालत करते हैं या हरसिमरत बादल के बयान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल के पास पूरा पंजाब इस मामले पर स्पष्टीकरण माँगता है।स. रंधावा ने कहा कि अकाली दल ने 1967 में अपने मैनीफैस्टो में पंजाब के लिए धारा 370 की माँग की थी और आनन्दपुर साहिब के प्रस्ताव में राज्य के लिए अधिक अधिकार माँगे थे। अकाली दल ने सारी उम्र संघीय ढांचे की वकालत के नाम पर रोटियाँ सेकी और अब बादल परिवार की बहु अपनी वजीरी के ख़ातिर संघीय ढांचे का गला घोंट रही मोदी सरकार के प्रशंसा भरे शब्द गा रही है। उन्होंने कहा कि आज टकसाली अकालियों की भी आत्मा भी रो रही होगी कि जिस बादल परिवार ने अकाली दल के सिर पर अपनी सल्तनत खड़ी की है उसी परिवार की मैंबर सरेआम प्रैस कॉन्फ्ऱेंस करके अकाली दल के सिद्धांतों को न सिफऱ् तिलांजलि दे रही है बल्कि उछल-उछल के अपनी उपलब्धियां बता रही है।