पंजाब

मानसा को पोषण अभियान में उत्तम भूमिका निभाने पर मिला अवार्ड

डी.सी. मानसा श्रीमती अपनीत रियात ने मंत्री स्मृति ईरानी से प्राप्त किया अवार्ड

चंडीगढ़ – मानसा जिले में पोषण महा अभियान के अंतर्गत लोगों को सभ्यक ढंग से जागरूक करने के लिए आज नयी दिल्ली में डिप्टी कमिश्नर मानसा को विशेष तौर पर सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया और भारत सरकार द्वारा मानसा में चल रहे कार्य की प्रशंसा की गई।आज नयी दिल्ली में हुए एक समारोह के दौरान मानसा जिले को पोषण अभियान के अंतर्गत बढिय़ा गतिविधियां करवाने के अंतर्गत सर्वोत्तम जिले के अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री श्रीमती समृति ईरानी ने विशेष तौर पर डिप्टी कमिश्नर को बधाई देते हुए दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ज़मीनी स्तर पर पोषण अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के परिणाम स्वरूप यह अवार्ड दिया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात, सिविल सर्जन मानसा डॉ. लाल चंद ठकराल, जि़ला प्रोग्राम अधिकारी श्रीमती अविनाश कौर और स्वस्थ भारत प्रेरक श्री आदित्य मदान ने समारोह के दौरान यह अवार्ड प्राप्त किया। पिछले साल भी पोषण अभियान के अंतर्गत लोगों को सभ्यक ढंग से जागरूक करने के लिए डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात को राष्ट्रीय अवार्ड से नवाज़ा गया था। सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के डायरैक्टर श्रीमती गुरप्रीत कौर सपरा ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किये पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण का ख़ात्मा करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्रीमती समृति ईरानी के दिशा निर्देशों अधीन पोषण अभियान का मुख्य मनोरथ छह साल तक के बच्चों में शारीरिक विकास की कमी, जन्म के समय बच्चों का कम वजऩ, बौनेपन की समस्या, पोषक आहार की कमी और अनीमीया को दूर करना है। इस अभ्यान के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों को मुख्य तौर पर शामिल किया गया।उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पोषण अभियान को लोक लहर बनाते हुए जिले में जागरूकता मुहिम शुरु की गई। इस दौरान निचले स्तर पर पोषण रैलियाँ, गोद भराई, नव विवाहित जोड़ों को भ्रूण हत्या न करने संबंधी जागरूक करना, माँ के दूध की महत्ता बारे जागरूकता और कुपोषण से होने वाली अलग-अलग तरह की बीमारियों संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया गया। इसके अलावा कम ख़ून वाले बच्चों की तीन तीन महीनों के बाद स्पेशल मोनिटरिंग की गई। विभाग का मुख्य नारा ‘पौष्टिक खाओ, तंदुरुस्त रहो’ रहा। उन्होंने कहा कि राज्य में कुपोषण मुक्त निर्माण के लिए जहाँ अच्छी खुराक खानी ज़रूरी है वहीं स्वस्थ आदतें भी डालनी ज़रूरी हैं। इस अभियान की सफलता के लिए आंगनवाड़ी वर्करों और आशा, ए.एन.एम. और डी.एन.आर.एल.एम. (पेविकास) ने बहुत मेहनत की। इस तरह के अवार्ड का श्रेय इन सभी को जाता है।

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