मुख्य यूनिट स्थापित करने के लिए मैस. हीरो साईकलज़ लिमिटेड, लुधियाना को 100 एकड़ का प्लाट अलॉट
चंडीगढ़ – राज्य में उद्योग को प्रोत्साहन देने और नौजवानों के लिए रोजग़ार के और अधिक अवसर पैदा करने हेतु पंजाब सरकार द्वारा जि़ला लुधियाना के गांव धनांशू में 383 एकड़ क्षेत्रफल में हाईटेक साइकिल वैली स्थापित की जा रही है। इस प्रोजैक्ट के लिए अपेक्षित कुल 383 एकड़ ज़मीन को खरीदने का काम मुकम्मल किया जा चुका है जबकि लेआउट प्लान को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट को मुकम्मल करने में अंदाजऩ 300 करोड़ रुपए की लागत आयेगी।राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सुन्दर शाम अरोड़ा ने यह प्रगटावा करते हुये बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के नौजवानों को रोजग़ार मुहैया करवाने और वातावरण को नुक्सान न पहुँचाने वाले उद्योग स्थापित करने के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लुधियाना में बनाई जा रही हाईटैक साइकिल वैली के लिए विभिन्न मंजूरियां मुकम्मल की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के वातावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अगस्त, 2018 में प्रोजैक्ट संबंधी वातावरण मंज़ूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर, 2018 में मैस. हीरो साईकलज़ लिमिटेड, लुधियाना को मुख्य यूनिट स्थापित करने के लिए 100 एकड़ का प्लाट अलॅाट करके कब्ज़ा दिया जा चुका है।उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि मैस. हीरो साईकलज़ लिमिटेड, लुधियाना द्वारा अप्रैल, 2022 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य निश्चित किया गया है। उन्होंनेबताया कि कंपनी की तरफ से अपने प्लाट के आसपास बाउंडरी वाल का काम पहले ही आरंभ किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट के अंतर्गत पी.एस.टी.सी.एल द्वारा 30 एकड़ ज़मीन पर 400 किलो वॉट का बिजली सब-स्टेशन बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि पी.एस.टी.सी.एल को बिजली सब-स्टेशन बनाने के लिए ज़मीन और 9.45 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है।श्री अरोड़ा ने बताया कि साईकिल वैली को 100 फुट चौडी 4 मार्गी, 8.5 किलो मीटर लम्बी बाहरी सडक़ बना कर चंडीगढ़ -लुधियाना राष्ट्रीय मार्ग के साथ जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि साईकिल वैली में 2 मार्गी और 4 मार्गी सडक़ों का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए तकनीकी और वित्तीय बोलियों सम्बन्धी टैंडर खोल दिए गए हैं और काम की बाँट प्रक्रिया अधीन है।श्री अरोड़ा ने और विवरन सांझे करते हुये कहा कि इस प्रोजैक्ट सम्बन्धी मैस. आई.एल एंड एफ.एस ने गुरू नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज द्वारा अंदरूनी सडक़ें, बाउंडरी वालज़ और बाढ़ों के पानी की निकासी, जल सप्लाई नैटवर्क, जल सिविरेज सिस्टम आदि सम्बन्धी अच्छी तरह अध्ययन किये गए अनुमान पेश कर दिए हैं और इस सभी अनुमान पी.एस.आई.ई.सी. के जांच अधीन हैं। उन्होंने बताया कि हाईटैक साईकिल वैली में प्राथमिक ढांचागत सुविधाएंं मार्च 2021 तक मुकम्मल किये जाने की उम्मीद है।