लोकसभा में स्पीकर की सीट पर सदन की अध्यता कर रही बीजेपी नेता रमा देवी पर समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान की अभद्र टिप्पणी के मामले पर सभी दल एक मत से स्पीकर से कडी कार्रवाई की मांग की है। ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और किसी महिला का इस तरह से सदन में अपमान न हो।लोकसभा में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की ओर संसद की अध्यक्षता कर रही बीजेपी सांसद रमा देवी पर की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी का मसला शुक्रवार को लोकसभा में प्रमुखता से उठा। इस मसले पर सभी दलों से दलगत सीमा से उठकर टिप्पणी को गलत बताया। सरकार की ओर से तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने आजम खान की टिप्पणी की कडी निंदा की और स्पीकर से कडी कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो और किसी महिला का इस तरह से सदन में अपमान न हो।तमाम दलों के नेताओं ने भी आजम खान की टिप्पणी पर आपत्ति जतायी और कहा कि स्पीकर को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और सदन को इस विषय पर एकमत रहना चाहिए।स्पीकर ने तमाम दलों के सांसदों की बात सुनने के बाद कहा कि सभी ने अपना पक्ष रखा है और इस विषय पर विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत के बाद वो फैसला लेंगे। बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी आजम खान के बयान की निंदा की है । उन्होंने टिव्टर पर लिखा – “यूपी से सपा सांसद आजम खान द्वारा कल लोकसभा में पीठासीन महिला के खिलाफ जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया वह महिला गरिमा व सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला है तथा अति-निन्दनीय है। इसके लिए उन्हें संसद में ही नहीं बल्कि समस्त महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।”इस बीच बीजेपी सांसद रमा देवी ने कहा कि सदन में बैठे सांसदों को महिलाओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। रमा देवी ने आजम खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया।फिलहाल ये मसला अध्यक्ष के पास है और देखना होगा कि आजम के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। लेकिन एक बात तो साफ है कि लोकतंत्र के मंदिर में किसी महिला और वो पीठासीन अधिकारी के खिलाफ की गयी टिप्पणी को सदन ने एक सुर से खारिज करके महिलाओं के सम्मान की रक्षा की दिशा में कदम उठाया है।