पंजाब

नेशनल कमीशन फॉर सफ़ाई कर्मचारीज़ द्वारा पंजाब के प्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग

सफ़ाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए स्कीमों को और बेहतर ढग़ से लागू करने पर दिया ज़ोर
चंडीगढ़ – नेशनल कमीशन फॉर सफ़ाई कर्मचारीज़, भारत सरकार के चेयरमैन श्री मनहर वालजी जाला और मैंबर श्रीमती मंजू दिलेर द्वारा आज यहाँ पंजाब के सफ़ाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों, पंजाब राज्य के विधायकों और मंत्री एवं राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ सफ़ाई कर्मचारियों से सम्बन्धित समस्याओं पर विचार- विमर्श किया गया।पंजाब में कार्य कर रहे सफ़ाई कर्मचारियों की यूनियनों और राज्य के मंत्री और विधायकों ने मीटिंग के दौरान राष्ट्रीय आयोग को राज्य में सफ़ाई कर्मचारियों की स्थिति और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं संबंधी अवगत करवाया। इस अवसर पर बोलते हुए स. चरनजीत सिंह चन्नी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, पंजाब ने आयोग को विनती की कि सफ़ाई कर्मचारियों के बच्चों की एम.ए. तक की पढ़ाई मुफ़्त करने के लिए केंद्र सरकार को योजना बनाने के लिए प्रस्ताव दिया जाये और साथ ही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम को पहले की तरह 100 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार द्वारा दिए जाएँ। उन्होंने कहा कि 60:40 अनुपात वाले नये प्रस्ताव से राज्य के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। इस अवसर पर विधायक बुद्ध राम, रुपिन्दर कौर रूबी, सुशील कुमार टिंकू, गुरप्रीत सिंह जी.पी, लखबीर सिंह लक्खा, पवन कुमार टीनू, कुलवंत सिंह पंडोरी और बलविन्दर सिंह लाडी द्वारा भी सफ़ाई कर्मचारियों की माँगों को उठाया गया और उनके जीवन की बेहतरी के लिए नयी स्कीमों को शुरू करने की विनती की गई।इस अवसर पर सफ़ाई कर्मचारी यूनियनों के विभिन्न नेताओं और बड़ी संख्या में आए नुमायंदों ने अपने मसले आयोग के समक्ष उठाए। यूनियन के नेता सुभाष देशावर, कनवीनर स्टेट सफ़ाई कर्मचारी यूनियन, चंदन गरेवाल, प्रधान पंजाब सफ़ाई मज़दूर यूनियन, सुनील कुमार, प्रधान सफ़ाई मज़दूर नगर निगम, पटियाला और हरजीत कौर कुराली, सोशल वर्कर आदि ने आयोग के ध्यान में लाया कि पंजाब में सफ़ाई कर्मचारियों की भर्ती नियमित तौर पर नहीं की जा रही, मेहनताना, वर्दियाँ, जूते और सेफ्टी किटों का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सफ़ाई कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य कार्ड और पैंशन के मुद्दे भी उठाए।आयोग द्वारा इस अवसर पर पंजाब के उच्च अधिकारियों के साथ एक समीक्षा मीटिंग भी की गई, जिसमें पंजाब सरकार के मुख्य सचिव श्री करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग डा. रौशन सुंकारिया, प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय श्री ए. वेनू प्रसाद, डायरैक्टर स्थानीय निकाय श्री डी. एस. मागट, सचिव उच्च शिक्षा श्री वी. के. मीना, सीईओ पी.एम.आई.डी.सी. श्री अजौए शर्मा, डायरेक्टर ग्रामीण विकास एवं पंचायत श्री जसकिरन सिंह, विशेष सचिव स्वास्थ्य श्री प्रनीत भारद्वाज, सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुमार, डी.जी.एस.सी. मुहम्मद तैय्यब, अतिरिक्त सचिव जल सप्लाई और सेनिटेशन श्री अमित तलवार। डायरैक्टर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक श्री बलविन्दर सिंह धालीवाल और ए.सी.ए पुड्डा श्रीमती लवजीत कलसी उपस्थित थे। इस समीक्षा मीटिंग के दौरान पंजाब सरकार द्वारा सफ़ाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए किये जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया गया और सीवरेजमैनों द्वारा गटर की सफ़ाई करने के दौरान हुई मौतों सम्बन्धी दिए गए मुआवज़ों पर की गई कार्यवाही संबंधी चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के अनुसार बीते समय में कूड़ा-कर्कट ढोने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए किये गए यत्नों की भी समीक्षा की गई।स्कीमों की समीक्षा करने के बाद आयोग ने पंजाब सरकार के अधिकारियों को सफ़ाई कर्मचारियों को काम करने के बेहतर हालात देने और उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष यत्न करने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए स्कीमों को और बेहतर ढग़ से लागू करने के आदेश पर भी ज़ोर दिया।

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