खेल

ओलम्पिक चैंपियन निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा द्वारा खेल मंत्री राणा सोढी के साथ मुलाकात

नयी खेल यूनिवर्सिटी में नये उभर रहे खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने में मिलेगी सहायता

चंडीगढ़ – भारत के अकेले ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा द्वारा अपनाई गई तकनीक और उसकी निशानेबाज़ी खेल में हासिल की महारत को पंजाब का खेल विभाग प्रयोग में लायेगा जिससे राज्य में अधिक से अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैयार हो सकें। यह बात पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने ओलम्पिक चैंपियन निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा के साथ ख़ास मुलाकात के उपरांत कही। पद्म भूषण और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेता अभिनव बिंद्रा आज पंजाब सिविल सचिवालय स्थित खेल मंत्री के कार्यालय में उनको विशेष तौर पर मिलने आए थे।राणा सोढी ने कहा कि अभिनव बिंद्रा द्वारा खेल विज्ञान और प्रौद्यौगिकी से लैस चलाए जा रहे भारत के अहम उच्च कारगुज़ारी वाले केंद्र ‘अभिनव बिंद्रा टारगेटिंग परफॉरमेंस’ की महारत का फ़ायदा पंजाब का खेल विभाग भी लेगा जो कि खेल के क्षेत्र में नयी पहलकदमी और बदलाव ला रहा है। यह ब्रांड उस प्रौद्यौगिकी का प्रयोग करेगा जो अभिनव बिंद्रा ने अपने प्रशिक्षण के दौरान इस्तेमाल की थी और जिस वजह से 2008 में बीजिंग ओलम्पिक खेलों में 10 मीटर एयर राइफल इवेंट का स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पटियाला जि़ले में स्थापित होने वाली नयी खेल यूनिवर्सिटी में नये उभर रहे खिलाडिय़ों को अभिनव बिंद्रा के तजुर्बे और महारत के साथ प्रशिक्षण देने में भी सहायता मिलेगी।‘अभिनव बिंद्रा टारगेटिंग परफॉरमेंस’ के प्रबंधों संबंधी और जानकारी देते हुए खेल मंत्री ने बताया कि इस नये उच्च-प्रदर्शन केंद्र को स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किये जा चुके हैं जो डाटा और रियल-टाईम विजुअल फीडबैक का प्रयोग करके एथलीट के शारीरिक मापदण्डों का मूल्यांकण करेंगे और उनको प्रशिक्षण देंगे। यह प्रौद्यौगिकी एथलीटों को प्रशिक्षण देने वाले स्पोर्टस मैडिसन के माहिरों, फिज़ीओथैरेपिस्ट, खेल विज्ञान और संख्या विश्लेषकों के बेहद काम आयेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कॉर्पोरेट स्पांसरों की सहायता के साथ इस योजना का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलकदमी निश्चित तौर पर खेल के क्षेत्र में पंजाब का मार्ग दर्शन करेगी।अभिनव बिंद्रा ने इस अवसर पर खेल मंत्री के कार्यालय में देश के नामी खिलाडिय़ों की तस्वीरें भी देखी जिसमें ख़ुद उसने अपनी भी तस्वीर देखी। अभिनव ने खेल मंत्री द्वारा भारतीय खेल के सुनहरी पलों को सँभालने के प्रयासों की प्रशंसा भी की। राणा सोढी ने भी अभिनव बिंद्रा के साथ जुड़ी घाटी स्कूल से उसके ओलम्पिक चैंपियन बनने तक की अपनी यादें ताज़ा की। बिंद्रा ने भी उस पल को याद किया कि जब उसने बीजिंग में स्वर्ण पदक जीता था और राणा सोढी उस समय पर उसके साथ थे।

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