जीवन शैली

‘केयर कैंपेन प्रोग्राम’ से मरीजों के फिर से दाखि़ल होने की दर में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई-बलबीर सिंह सिद्धू

प्रोग्राम का मंतव्य पारिवारिक सदस्यों और सगे-संबंधियों को मरीज़ की सही देखभाल सम्बन्धी जागरूक करके समर्थ बनाना

चंडीगढ़ – राज्य में ‘केयर कैंपेन प्रोग्राम’ की शुरुआत के बाद मरीजों के फिर से दाखि़ल होने की दर में 53 प्रतिशत की कमी आई है। इस बात का खुलासा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज यहाँ प्रैस बयान के द्वारा किया।श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि यह बहुत गौरव की बात है कि पंजाब पूरे देश में ऐसा अग्रणी राज्य है जिसने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए ‘केयर कैंपेन प्रोग्राम’ को राज्य के कई जि़ला अस्पतालों के मैडीकल और सर्जीकल केयर ईकाइयों में कामयाबी के साथ लागू किया है। इससे स्वस्थ व्यवहार जैसे कि हृष्ट-पुष्ट आहार, कसरत, स्वच्छता आयेगी और इसका उद्देश्य अस्पताल से ठीक होकर जाने के बाद मरीजों की मुश्किलों को घटाना है।‘केयर कैंपेन प्रोग्राम’ अधीन भर्ती हुए मरीज़ों के फिर से दाखि़ल होने के डाटा सम्बन्धी जानकारी देते हुए श्री सिद्धू ने कहा कि प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मरीजों की फिर से दाखि़ल होने की दर में 53 प्रतिशत की कमी आई है जबकि ईलाज के दौरान जान को खतरे वाली स्वास्थ्य समस्या में 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं के प्रयोग में 29 प्रतिशत वृद्धि हुई है और इसके साथ ही स्टाफ द्वारा मरीजों को दी हिदायतें और अपेक्षित जानकारी प्रदान करने में 77 प्रतिशत वृद्धि हुई है। मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मरीज़ों और स्वास्थ्य सेवकों का रिश्ता भी पहले की अपेक्षा और मज़बूत हुआ है।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बीते वर्ष 65 हज़ार परिवारों को ‘केयर कैंपेन प्रोग्राम’ के द्वारा स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम को लोगों की तरफ से भारी समर्थन मिल रहा है जिससे बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों में सभ्य स्वस्थ व्यवहार अपनाने लगे हैं और ईलाज के उपरांत आने वाली गंभीर मुश्किलों में भी बहुत कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस प्रभावशाली प्रोग्राम की कामयाबी स्वरूप अब यह महत्वपूर्ण प्रोग्राम अन्य क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम को समूचे राज्य के जि़ला अस्पतालों की सभी मैडीकल और सर्जीकल केयर ईकाइयों में शुरू करने का फ़ैसला किया गया है। देशभर में ऐसे प्रयासों को कामयाबी के साथ लागू करने वाले पंजाब ने यह दिखा दिया है कि कैसे परिवारों को स्वास्थ्य सम्बन्धी चेतना बाँटने वाला एक छोटा सा प्रोग्राम पूरे राज्य के स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रमुख प्रोग्राम मैटरनल चाइल्ड हैल्थ(एम.सी.एच) के क्षेत्र में 27 जुलाई, 2017 को राज्य के 6 जि़लों में शुरू किया गया था। पायलट प्रोजैक्ट की सफलता के बाद एम.सी.एच प्रोग्राम 27 सितम्बर, 2018 को बाकी जि़लों में भी शुरू कर दिया गया था।

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