मुख्यमंत्री ने एडवोकेट जनरल को मामले की तह तक जाने के लिए सभी कानूनी पक्ष जाँचने के लिए कहा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बरगाड़ी मुद्दे पर मगरमच्छ के आंसु बहाने की खिल्ली उड़ाते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बरगाड़ी घटना के साथ जुड़े मामले की तह तक जाने के लिए पूरी पैरवी करेगी।बरगाड़ी मामले में सी.बी.आई. की क्लोजऱ रिपोर्ट को अकाली दल द्वारा चुनौती देने के फ़ैसले पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर चिंतित होने का बहाना करके लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर बादल जो उस समय राज्य का उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री था, ने इस मामले की जांच स्वयं करवाने की बजाय बरगाड़ी कांड से सम्बन्धित पहले तीन मामलों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) के पास भेज दिया। उन्होंने कहा कि अब जब सी.बी.आई. ने अपनी जांच मुकम्मल करके केस बंद करने की रिपोर्ट दायर कर दी तो सुखबीर बादल बोखला गया जिससे इस समूचे मामले में किसी स्तर पर साजि़श होने का संकेत मिलता है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली दल सी.बी.आई. की रिपोर्ट को चुनौती देने के फ़ैसले को अदालत में कैसे स्पष्ट करेगा। उन्होंने सुखबीर पर बरसते हुए कहा कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर एक बार फिर राजनीति कर रहा है जो अकाली-भाजपा के शासन काल के दौरान इस मुद्दे पर निष्पक्ष और विस्तृत जांच को यकीनी बनाने की जि़म्मेदारी से भाग गया था।मुख्यमंत्री ने सुखबीर को कहा कि वह यह बात न भूले कि यदि वह अब भी सी.बी.आई. की क्लोजऱ रिपोर्ट को चुनौती देना चाहता है तो केंद्र में एन.डी.ए. की सरकार है जिसमें अकाली दल भी हिस्सेदार है। उन्होंने अकाली दल के प्रधान को कहा कि वह तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर और गलत मुद्दे उठाकर लोगों की आंखों में धूल झौंकने की कोशिश बंद करे।श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और इसके बाद शांतमयी ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा गोली चलाने की घटनाओं में शामिल व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही करने के वायदे को दोराते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार इस घटना के पर्दे के पीछे की समूची साजि़श का पर्दाफाश करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शांतमयी माहौल को भंग करने की ऐसी घिनौनी कोशिशें करने वालों को कानून के शिकंजे से बचकर नहीं निकलने दिया जायेगा।इसी दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा को इस मामले की तह तक जाने के लिए सभी कानूनी पक्ष जाँचने के लिए कहा।