खगोलीय घटना पर नज़र रखने वालों के लिए 16 और 17 जुलाई का दिन बेहद ही खास रहा, जिसमें उन्हें आंशिक चंद्रग्रहण से रूबरू होने का मौका मिला।गौरतलब है कि चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, जिससे चंद्र ग्रहण होता है। भारतीय समयानुसार मध्य रात्रि में चंद्रग्रहण 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होकर सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्त हुआ। इसे भारत समेत एशिया अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका के ज़्यादातर हिस्सों में देखा गया।राजधानी दिल्ली में भी लोंग चंद्रग्रहण को देखने को उत्साहित दिखे, जिसके लिए नेहरू तारा मंडल में खास प्रबंध किए गए थे। हालांकि मौसम की वजह से लोगों को थोड़ी निराशा भी हुई। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी, सूर्य की परिक्रमा करती है जबकि चंद्रमा पृथ्वी के चारो ओर घूमता है। पृथ्वी और चंद्रमा घूमते-घूमते एक समय पर ऐसे स्थान पर आ जाते हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक सीध में रहते हैं। चंद्रमा की इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है इसे चंद्र ग्रहण कहते हैं।