पंजाब

वजीफ़े के फंडों में कटौती करने से मोदी सरकार का दलित विरोधी चेहरा नंगा हुआ-धर्मसोत, चन्नी, अरुणा

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के फंडों में कटौती से राज्य के एस.सी./बी.सी. नौजवानों का भविष्य तबाह होगा

चंडीगढ – पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों स. साधु सिंह धर्मसोत, स. चरनजीत सिंह चन्नी और श्रीमती अरुणा चौधरी ने कहा है कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के फंडों में बड़ी कटौती करके मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य के दलितों और पिछड़े वर्गों का नुकसान किया है। उन्होंने कहा है कि वज़ीफ़े के फंडों में कटौती करने से मोदी सरकार की दलित और पिछड़े वर्गों के प्रति विरोधी सोच सामने आ गई है और जिससे मोदी सरकार का दलित और पिछड़े वर्गों के प्रति विरोधी चेहरा नंगा हुआ हैआज यहाँ से जारी सांझे प्रैस बयान के द्वारा तीनों कैबिनेट मंत्रियों ने कहा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम सम्बन्धी तैयार किया गया नया प्रस्ताव लागू होने से राज्य के अनुसूचित जातियों और पिछड़ीं श्रेणियों से सम्बन्धित नौजवानों का भविष्य तबाह हो जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए केंद्र और राज्य के पुराने 90:10 अनुपात के फार्मूले को रद्द करके 60:40 अनुपात का नया फ़ार्मूला तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस फार्मूले से जहाँ राज्य सरकारों पर भार बढ़ेगा, वहीं राज्य के एस.सी./बी.सी. नौजवान स्कूली और उच्च शिक्षा हासिल करने से वंचित रह जाएंगे।कैबिनेट मंत्रियों ने नये प्रस्ताव को पूरी तरह रद्द करते हुए कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत फंडों की हिस्सेदारी के पुराने फार्मूले को बहाल किया जाये। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत राज्य द्वारा वर्ष 2018 तक कुल 600 करोड़ रुपए की राशि में से 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी का योगदान डाला जा रहा था, परन्तु मोदी सरकार अब अपनी हिस्सेदारी डालने से भाग रही है। इससे राज्यों की सालाना देनदारी 600 करोड़ रुपए से ज्यादा कर 750 करोड़ रुपए हो गई।
कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार के नये फार्मूले से राज्यों पर बहुत बड़ा बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का नया फ़ार्मूला दलितों और पिछड़े वर्गों का नुकसान करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस फार्मूले के लागू होने से इन वर्गों का जीवन स्तर और नीचे गिरेगा। उन्होंने दोष लगाया कि इस प्रस्ताव से इस वज़ीफ़ा स्कीम का एस.सी. /बी.सी. नौजवानों को जीवन में सफल बनाने का असली उद्देश्य ख़त्म हो जायेगा।कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार दलितों और पिछड़े वर्गों को शिक्षा पक्ष से वंचित रखने के आर.एस.एस. के गुप्त एजंडे के अनुसार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के एस.सी. /बी.सी. विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार को एस.सी. /बी.सी. विद्यार्थियों के हितों के मद्देनजऱ वज़ीफ़ा स्कीम के फंडों में कटौती करने वाले इस नये प्रस्ताव को रद्द करने की माँग करते हुए पुराना फ़ार्मूला लागू करने पर ज़ोर दिया है।

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