कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के विस्तार को दी मंज़ूरी, श्रमिकों के हित में 13 केंद्रीय श्रम क़ानूनों को एक कोड के दायरे में लाया गया, नदी विवाद के लिए 9 प्राधिकरणों की जगह होगा अब 1 प्राधिकरण।बुधवार को संसद भवन में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई बड़े फ़ैसले लिए गए। बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में इन फ़ैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दी जिसके तहत 1,25,000 किलोमीटर की सड़क 80,250 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी।यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण यानि पॉक्सो अधिनियम 2012 में संशोधन को भी मंजूरी दी जिसके तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। संशोधन के तहत सज़ा के प्रावधान को और सख़्त बनाया गया है। बाल पोर्नोग्राफी पर रोक लगाने के लिए आर्थिक दंड और जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है।13 केंद्रीय श्रम कानूनों को एक कोड के दायरे में ला दिया है। इसके तहत व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तों विधेयक, 2019 पर संहिता को मंजूरी दी गई।कई राज्यों से गुजरने वाली नदियों के लिए छोटे छोटे ट्रिब्यूनल को समाप्त कर एक ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला किया जिसके तहत अब 9 ट्रिब्यूनल की जगह पर 1 ट्रिब्यूनल होगा। इससे नदी जल को लेकर राज्यों के बीच होने वाले विवाद के निपटारे में मदद मिलेगी।अनियमित चिट फंड के लिए बिल में संशोधन करते हुए अनियमित जमा पर रोक लगा दी गई है। इसे 21 फरवरी 2019 को लागू किए गए अध्यादेश की जगह पर लाया गया है। इससे गैरकानूनी जमा पर रोक लग सकेगी। इसके साथ ही ग्रुप ए सर्विसेज का लाभ अब आरपीएफ को भी दिए जाने का फैसला लिया गया है। इससे आरपीएफ के योग्य अफसरों को उनके करियर में प्रोत्साहन मिलेगा। कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों विधेयक 2019 को मंजूरी दी। इससे इस समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।