पंजाब

107 शैक्षिक संस्थाओं द्वारा जारी की गई डिग्रीयाँ, डिप्लोमे और सर्टीफिकेट पी.एस.सी.ए.ई. द्वारा माने जाएंगे ग़ैर -प्रमाणित

चंडीगढ़ – राज्य के कृषि से सम्बन्धित शैक्षिक पाठ्यक्रमों को चलाने वाले संस्थाओं में दाखि़ला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को सावधान करते हुए पंजाब स्टेट काऊंसिल फॉर एग्रीकल्चरल एजुकेशन (पी.एस.सी.ए.ई.) के मैंबर सचिव श्री काहन सिंह पन्नू ने बताया कि पी.एस.सी.ए.ई. 1 जनवरी, 2020 से 107 शैक्षिक संस्थाओं द्वारा जारी की गई डिग्रीयाँ, डिप्लोमे और सर्टीफिकेट ग़ैर-प्रमाणित घोषित कर दिए जाएंगे। इस सम्बन्धी अन्य जानकारी देते हुए श्री पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब स्टेट काऊंसिल फॉर एग्रीकल्चरल एजुकेशन एक्ट, 2017 की शर्तों के अंतर्गत इस काऊंसिल का गठन किया गया है। यह काऊंसिल राज्य के कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों को कृषि शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने सम्बन्धी न्यूनतम मापदंड और दिशा-निर्देशों को निश्चित करने के लिए अधिकृत है और कृषि शिक्षा आधारित प्रोग्राम चलाने के लिए सभी शर्तों और मापदंडों को पूरा करने वाले कॉलेजों/ संस्थाओं /विभागों को मान्यता प्रदान करके कृषि शिक्षा को नियमित करने में भी इस काऊंसिल की अहम भूमिका है।उन्होंने बताया एक्ट की शर्तों के मुताबिक कृषि सम्बन्धी शिक्षा प्रदान कर रही सभी संस्थाओं द्वारा मान्यता, दाखि़ला, सिलेबस और स्टाफ सम्बन्धी स्टेटस रिपोर्ट 30 दिनों के अंदर और कम्पलायंस रिपोर्ट 6 महीनों के अंदर काऊंसिल के पास जमा करवाई जानी थी जिससे उक्त एक्ट के लागू होने की तारीख़ से 2 साल के अंदर-अंदर मान्यता प्राप्त की जा सके। यह एक्ट 2 जनवरी, 2018 को नोटीफाई किया गया था।श्री पन्नू ने बताया कि कृषि सम्बन्धी शिक्षा प्रदान कर रहे 25 संस्थाओं द्वारा एक्ट की शर्तों की पूर्ति हेतु स्टेटस रिपोर्ट जमा करवाई गई है। परन्तु देखने में आया है कि यह संस्थाएं एक्ट की निर्धारित शर्तों पर पूरे नहीं उतरते। इसलिए यदि यह संस्थाएं 31 दिसंबर, 2019 तक एक्ट की निश्चित शर्तों को पूरा नहीं करते तो काऊंसिल द्वारा 1 जनवरी, 2020 से इन संस्थाओं की मान्यता रद्द कर दी जायेगी।इन संस्थानों में खालसा कॉलेज गढ़दीवाला, होशियारपुर, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, छापियांवाली, मलोट, केएमएस कॉलेज ऑफ आईटी एंड मैनेजमेंट, दसुआ, शहीद उधम सिंह कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, टंगोरी, मोहाली, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर, पंजाब डिग्री कॉलेज, महमूआना कैंपस, फऱीदकोट, खालसा कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, अमृतसर, कॉर्डिया कॉलेज, संघोल, फतेहगढ़ साहिब, गुरु नानक कॉलेज बुढलाडा, बरेता-जाखल रोड, बुढलाडा, मानसा, माता गुजरी कॉलेज, फतेहगढ़ साहिब, गुरचरन सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्टडीज (जीसीएसआईवीएस) आईईटी भड्डल, नियर मियांपुर जिला रोपड़, खालसा कॉलेज, अमृतसर, पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, खन्ना, लुधियाना, डॉल्फिन (पीजी) कॉलेज ऑफ साइंस एंड एग्रीकल्चर, चुन्नी कलां, फतेहगढ़ साहिब, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, सोहियां खुर्द, अमृतसर, पब्लिक कॉलेज, समाना, पटियाला, खालसा कॉलेज पटियाला, बडूंगर रोड, पटियाला, बाबा फऱीद कॉलेज, मुक्तसर रोड, बठिंडा, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, श्री आनंदपुर साहिब, डीएवी यूनिवर्सिटी, एनएच 44, सरमस्तपुर, जालंधर, गुरु काशी यूनिवर्सिटी, तलवंडी साबो, बठिंडा, अकलिया डिग्री कॉलेज, गोनियाना मंडी, जैतू रोड, बठिंडा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब वल्र्ड यूनिवर्सिटी, फतेहगढ़ साहिब, संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी, गाँव खिलाला, पी.ओ. पढिआना, जिला जालंधर और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली शामिल हैं।इसके अलावा राज्य में 82 ऐसे संस्थान हैं जो कृषि विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं लेकिन इस संबंध में जारी नोटिस के बावजूद उनके द्वारा इस अधिनियम के तहत निर्धारित शर्तों की पूर्ति संबंधी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है और इसलिए यह संस्थान 1 जनवरी, 2020 से परिषद् के साथ संबंद्ध होने के अधिकार को खो देने के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।इन संस्थानों में ए एंड एम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, पठानकोट, आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज़, सादिक रोड, फऱीदकोट, अकाल डिग्री कॉलेज, मस्तुआना साहिब, संगरूर, अमन भल्ला इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, जम्मू अमृतसर हाईवे, कैनाल साइड, कोटली पीओ झाकोलाड़ी, पठानकोट, अमृतसर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी, जीटी रोड, नियर मानावाला, अमृतसर, आर्य भट्ट कॉलेज, बरनाला, आर्यन्स डिग्री कॉलेज, नेप्रा रोड, पटियाला, एशियन एजूकेशन इंस्टीट्यूट, पटियाला, आसरा इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज, संगरूर, बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज, फतेहगढ़ साहिब, बाबा खजानदास कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, वीपीओ भुट्टा, लुधियाना, बेअंत कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गुरदासपुर, भाई बहलो खालसा गल्र्स कॉलेज, फफड़े भाईके, मानसा, भाई गुरदास डिग्री कॉलेज, मेन पटियाला-संगरूर रोड, संगरूर, भाई महा सिंह कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड लाइफ साईंसिज़, कोटकपूरा रोड, श्री मुक्तसर साहिब, बीआईएस इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, वीपीओ गागरा, कोट इसे खान, तहसील और जि़ला मोगा, सीजीएम कॉलेज, वीपीओ मोहल्लां, तहसील मलौट, जि़ला श्री मुक्तसर साहिब, सीजीसी टैक्रिकल कैंपस (मैनेजमेंट), झंझेरी, मोहाली, कॉन्टिनेंटल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, गाँव जलवेड़ा, जीटी रोड (एनएच-1), पीओ नबीपुर, जिला फतेहगढ़ साहिब, सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, शाहपुर, जालंधर, सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मकसूदां, जालंधर, डीएवी कॉलेज, अबोहर, दशमेश खालसा कॉलेज, ज़ीरकपुर, मोहाली, डीएवी कॉलेज, होशियारपुर, देश भगत कॉलेज, बारड़वाल, धूरी, संगरूर, देव समाज कॉलेज फॉर वुमेन, फिरोज़पुर, दोआबा बिजऩेस स्कूल, घतौर, खरड़, ज्ञानी करतार सिंह मेमोरियल गवर्नमेंट, टांडा उड़मुड़, होशियारपुर, गोल्डन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, गुरदासपुर, गवर्नमेंट बरजिंद्रा कॉलेज, फऱीदकोट, गवर्नमेंट मोहिंद्रा कॉलेज, पटियाला, गोविंद नेशनल कॉलेज, नारंगवाल, लुधियाना, गवर्नमेंट कॉलेज, होशियारपुर, गवर्नमेंट कॉलेज, श्री मुक्तसर साहिब, गुलज़ार स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट, खन्ना, गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, भगता भाईका, बठिंडा, गुरु गोविंद सिंह कॉलेज, तलवंडी साबो, बठिंडा, गुरु नानक कॉलेज, फिऱोज़पुर कैंट, गुरु नानक खालसा कॉलेज, अबोहर, गुरुसेवा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टैक्रोलॉजी, गढ़शंकर, होशियारपुर, इनोसेंट हट्र्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, लोहारां, जालंधर, जे.यू.एस.एस. इंस्टीट्यूट, वीपीओ सेखवां, जि़ला गुरदासपुर, जसदेव सिंह संधू डिग्री कॉलेज, कौली, पटियाला, कन्या महा विद्यालय, जालंधर, केसी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन, नवांशहर, किंग्स डिग्री कॉलेज, बरवाला, एम.के. इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, विलेज सोहियां खुर्द, बटाला रोड, अमृतसर, महाराजा रणजीत सिंह कॉलेज, बुरजन बाई पास, मलोट, श्री मुक्तसर साहिब, मालवा कॉलेज, बठिंडा, मालवा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज़, सादुलेवाला, जि़ला मानसा, मिरी पिरी खालसा कॉलेज, भदौर, बरनाला, मॉडर्न ग्रुप ऑफ कॉलेजिज़ (मैनेजमेंट), मुकेरियां, नेशनल कॉलेज, भीखी, जि़ला मानसा, पटेल मेमोरियल नेशनल कॉलेज, राजपुरा, पीसीटीई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूटस, फिरोज़पुर रोड, बद्दोवाल कैंट, झंडे, लुधियाना, पंजाब कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड एग्रीकल्चर, सरकापदा, चुन्नी कलां, फतेहगढ़ साहिब, आर.पी.सी. डिग्री कॉलेज, बठिंडा, रेडिकल बिजऩेस स्कूल, वीपीओ थांडे, खप्परखेड़ी, जि़ला अमृतसर, रायत बाहरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बोहन, होशियारपुर, रायत इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, रेलमाजरा, जि़ला शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), रोपड़ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, शेखूपुर, रोपड़, एस. सुखजिंदर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, गुरदासपुर, एसजीजीएस खालसा कॉलेज माहिलपुर, होशियारपुर, एसएस कॉलेज फॉर गल्र्स, भीखी, मानसा, एसएसडी कॉलेज ऑपु प्रोफेशनल स्टडीज़, भोखरा, बठिंडा, संत बाबा भाग सिंह मेमोरियल गल्र्स कॉलेज, सुखानंद (मोगा), शहीद भगत सिंह स्टेट टेक्निकल कैंपस, मोगा रोड, एनएच-95, फिरोजपुर, श्री गुरु अर्जुन देव कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, धारीवाल, गुरदासपुर, श्री गुरु राम दास कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज, गाँव पंधेर, अमृतसर, श्री साई इकबाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बधानी, सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट ऑफ बिजऩेस मैनेजमेंट एंड एग्रीकल्चर, नियर एनआईटी, जालंधर, सुखजिंदर इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंसेज़ एंड मैनेजमेंट, वीपीओ दुनेरा, तहसील धार कलां, जि़ला पठानकोट, स्वामी सर्वानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, नियर दयानंद मठ, जीटी रोड, दीनानगर, जिला गुरदासपुर, स्वामी विवेकानंद फैकल्टी ऑफ इंफरमेशन एंड बिज़नेस मैनेजमेंट, रामनगर, बनूर, पटियाला और स्वामी विवेकानंद फैकल्टी ऑफ टैक्रोलॉजी एंड मैनेजमेंट, चंडीगढ़ पटियाला नेशनल हाईवे, सेक्टर 8, रामनगर, बनूर, तहसील राजपुरा, जि़ला पटियाला, तारा विवेक कॉलेज, गज्जनमाजरा, संगरूर, तवी कॉलेज, शाहपुर कंडी, तहसील धार कलां, जिला पठानकोट, द रॉयल ग्रुप ऑफ कॉलेजिज़, भोडावाल, जि़ला मानसा, यूनिवर्सल कॉलेज, बालोपुर, मोहाली, यूनिवर्स प्रोफेशनल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, आदमपुर, फतेहगढ़ साहिब, वाहेगुरु कॉलेज, अबोहर एंड आरआईएमटी यूनि., मंडी गोबिंदगढ़ शामिल हैं।श्री पन्नू ने कहा कि इन संस्थाओं में कृषि शिक्षा में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए दाखि़ला लेने वाले विद्यार्थियों को सचेत किया जाता है कि वह इन संस्थाओं में दाखि़ला लेने के लिए खुद जि़म्मेदार होंगे क्योंकि एक्ट की धाराओं का पालन करने में असफल होने के कारण यह संस्थाएं नॉन-ऐफीलीएटड/नॉन-अपरूवड मानी जाएंगी, जिस कारण इन संस्थाओं द्वारा जारी किये गए डिग्री/डिप्लोमे सर्टिफिकेट को प्रमाणित नहीं माना जायेगा।

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