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बुढ़ापे का सहारा है श्रम योगी मानधन योजना, मात्र 55 रुपये के योगदान में मिलेगी हजारों की पेंशन

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के रिटायरमेंट की सेफ्टी और सामाजिक सुरक्षा के लिए है। इसमें ज्यादातर रिक्शा चालक, स्ट्रीट वेंडर, मिड-डे मील वर्कर, हेड लोडर, ईंट भट्ठा वर्कर, कॉबलर, रैग पिकर, घरेलू कामगार, वॉशर मैन, घर-घर काम करने वाले, खुद के अकाउंट वर्कर, एग्रीकल्चर वर्कर, कंस्ट्रक्शन वर्कर शामिल हैं। यहां हम आपको इस योजना के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
पात्रता मानदंड:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार, इस स्कीम के लिए पात्र होने के लिए इन शर्तों को पूरा करना होगा।
असंगठित क्षेत्र का श्रमिक होना जरूरी है।
उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम
यह नहीं होना चाहिए:
इनकम टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए।
क्या होना चाहिए
आधार कार्ड
सेविंग बैंक अकाउंट/ जन धन अकाउंट साथ में आईएफएससी नंबर
फीचर्स यह एक ऐसी स्कीम में जिसमें अपनी मर्जी से योगदान किया जाता है, जिसके तहत 60 वर्ष की उम्र होने के बाद प्रति माह 3,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन मिल सकेगी। अगर मेंबर की मृत्यु हो जाती है तो मेंबर के पति या पत्नी को फैमिली पेंशन के तौर पर 50 फीसद पेंशन मिलेगी।नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार 60 वर्ष की आयु तक प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में शामिल होने की तारीख से अपने सेविंग बैंक अकाउंट/ जन-धन अकाउंट से ऑटो-डेबिट सुविधा के जरिए पैसा जमा किया जाएगा और केंद्र सरकार भी उनके पेंशन अकाउंट में समान मिलान योगदान देगी।

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