100 करोड़ रुपए ख़र्च कर बहु-तकनीकी कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का किया जा रहा आधुनीकीकरण-चन्नी
चंडीगढ़ – तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, पंजाब ने डिजिटल पंजाब प्रोग्राम के अधीन समूचे सरकारी बहु-तकनीकी कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में तैनात स्टाफ द्वारा रोज़मर्रा की हाजिऱी आधार बेस्ड बायोमैट्रिक सिस्टम के द्वारा लगानी शुरू कर दी है। इस प्रयास के लिए एन.आई.सी द्वारा विभाग को सम्मानित किया गया है।तकनीकी शिक्षा मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी ने विभाग के इस प्रयास के लिए बधाई देते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में 100 करोड़ रुपए ख़र्च कर बहु-तकनीकी कॉलेजों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का समूचा आधुनीकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास राज्य के नौजवानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मौजूदा और भविष्य की ज़रूरतों को मुख्य रखते हुए रोजग़ार के लिए पेशा प्रमुख प्रशिक्षण और कौशलपूर्ण बनाने के लिए किया जा रहा है।तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि हाजिऱी के अलावा स्टाफ द्वारा ली जाने वाली छुट्टियों का रिकॉर्ड भी आधार बेस्ड बायोमैट्रिक सिस्टम के द्वारा हाजिऱी पोर्टल पर भी उपलब्ध हो जायेगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने साथ ही यह भी बताया कि इसके अगले पड़ाव में सरकारी तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों की हाजिऱी भी आधार बेस्ड बायोमैट्रिक सिस्टम के द्वारा लगवाने की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जायेगी।स. चन्नी ने बताया कि एक और अहम प्रयास के अंतर्गत सभी तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में सी.सी.टी.वी कैमरे लगाकर ऑनलाईन मुख्य कार्यालय के साथ जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि कैमरे लगने से जहाँ क्लासों में पढ़ाई की निगरानी रखी जायेगी वहीं इम्तिहान भी सी.सी.टी.वी कैमरों की निगारनी अधीन करवाए जाएंगे।इसके साथ ही तकनीकी शिक्षा मंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों से अपील की है कि सरकारी तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में 100 प्रतिशत दाखि़ले और नतीजे यकीनी बनाए जाएँ। इसके साथ ही कहा कि बढिय़ा नतीजे देने वालों को सम्मान दिया जायेगा और बुरे नतीजे देने वालों के खि़लाफ़ कार्यवाही की जायेगी। एन.आई.सी द्वारा आज दिया गया सम्मान विभाग के नोडल अफ़सर के तौर पर तैनात श्री नरिन्दर पाल सिंह लांबा ने प्राप्त किया।