मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का सुझाव रखा
चंडीगढ़ – नशों के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई जंग को और तीखा करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज नशा तस्करी में बार -बार अपराध करने वालों की एतिहादी हिरासत का प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव पंजाब पुलिस द्वारा ऐसे लगभग 200 अपराधियों की की शिनाख्त की रिपोर्टों के मद्देनजऱ पेश किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि एन.डी.पी.एस एक्ट ऐसे अपराधियों के लिए एतिहादी हिरासत मुहैया करवाता है और इसके साथ ही उन्होंने एन.डी.पी.एस. के अंतर्गत अपराधियों के लिए तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का भी सुझाव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी फास्ट ट्रैक अदालतों को जल्द से जल्द चालू करने का मामला वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस के पास उठाएंगे ।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमिशनरों और जि़ला पुलिस मुखियों के साथ नशों के ख़ात्मे की प्रगति का जायज़ा लेने के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। यह वीडियो कॉन्फ्र्रेंस मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नशों की बीमारी के विरुद्ध व्यापक कार्य योजना संबंधी गठित किये सलाहकारी ग्रुप की मीटिंग के बाद की गई ।मुख्यमंत्री ने कहा कि नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (एन.सी.बी.) द्वारा पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की निशानदेही करने के लिए तैनात की आठ टीमों को पूरा सहयोग देने के अलावा क्षेत्र में नशों के विरुद्ध लड़ाई में पूरा तालमेल किया जायेगा। इस अवसर पर इस मीटिंग में उपस्थित एन.सी.बी के डिप्टी डायरैक्टर जनरल एस.के झा ने बताया कि उनके समेत 25 अधिकारी पंजाब में तैनात किये गए हैं जो जम्मू-कशमीर और गुजरात जैसे दूसरे राज्यों के साथ तालमेल को और मज़बूत बनाऐंगे क्योंकि यह राज्य पंजाब में नशों की खेपों में बड़े सबूत के तौर पर उभरेे हैं। श्री झा ने नशा तस्करी को रोकने के लिए पैसों के लेन-देन की छानबीन करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने नशों की समस्या के ख़ात्मे के लिए राज्य सरकार द्वारा रोकथाम और पुनर्वास के लिए उठाये गये कदमों की सराहना की।डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने मीटिंग में बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ड्रग नीति की माँग करते हुये प्रधानमंत्री को लिखे पत्र का केंद्र सरकार की तरफ से साकारात्मक समर्थन आया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले में और ज्यादा तालमेल करने के लिए अपने अधिकारियों को आदेश भी दिए हैं। डी.जी.पी ने बताया कि नारकोटिक ब्यूरो ने देश के अन्य राज्यों से लगभग दो दर्जन अधिकारी बुला कर पंजाब में तैनात कर दिए हैं जिससे सरहदी राज्य में नशा विरोधी जंग को और आगे ले जाया जा सके। इस मौके पर यह भी ऐलान किया गया कि पंजाब द्वारा पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग की मेज़बानी की जायेगी जिससे इन राज्यों के दरमियान नशों के ख़ात्मे के लिए किये जा रहे यत्नों को और कारगर ढंग से अमल में लाने के लिए प्रभावी तालमेल कायम किया जा सके।मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने साजिशें रचने में पुलिस समेत शामिल सरकारी अधिकारियों के साथ किसी तरह का लिहाज़ न बरतने संबंधी अपनी सरकार की वचनबद्धता ज़ाहिर की। नशा तस्करों और स्मगलरों की पुलिस अधिकारियों के साथ मिलीभुगत होने की शिकायतों का नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने डी.जी.पी. को पुलिस की तैनातियों और तबादलों संबंधी व्यापक नीति लाने के आदेश दिए जिससे पुलिस और नशे के अपराधियों के दरमियान गठजोड़ को तोड़ा जा सके ।मुख्यमंत्री ने सिस्टम में शामिल काली भेड़ों को सख्त चेतावनी देते हुये कहा कि जो भी इसमें शामिल हुआ, वह अपनी बरख़ासतगी या जबरन सेवा -मुक्ति के लिए जि़म्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसे लोगों की भागीदारी पाई गई या अन्य गलत काम सामने आए तो इनके खि़लाफ़ एन.डी.पी.एस. एक्ट (उकसाहट) की उप-धारा 29 और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट के अंतर्गत अपराधिक केस दर्ज होंगे ।नशों के मुद्दे पर सख्त रूख अपनाते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि नशा विरोधी मुहिम को अब मिशन के आधार पर चलाया जायेगा और डिप्टी कमिशनरों और जि़ला पुलिस मुखियों के तबादले और तैनातियां नशा विरोधी मुहिम में निभाई गई कारगुज़ारी पर निर्भर होंगी और हर तिमाही इसकी प्रगति का जायज़ा लिया जायेगा।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि डी.एस.पी. या एस.एच.ओ. के सम्बन्धित इलाकों में नशों से जुड़े किसी भी अपराध के लिए इन अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया जायेगा और सम्बन्धित रेंजों के आई.जी. /डी.आई.जी. इसकी मासिक प्रगति का जायज़ा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कारगुज़ारी दिखाने में नाकाम रहने वाले डी.एस.पीज़. और एस.एच.ओज़ को चलता करने के आदेश दिए ।मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिशनरों और जि़ला पुलिस मुखियों को नशा प्रभावित गाँवों और वार्डों की शिनाख़त करने और शिनाख़त किये जा चुके नशा समगलरों और तस्करों की सूची तैयार करने के हुक्म दिए। उन्होंने बड़ी मछलियों तक पहुँचने के लिए इससे जुड़ी अहम कडिय़ों की परतें खोलने के लिए और गहराई में जांच करने के हुक्म दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान उनको जि़ला मिशन टीमों और सब -डिविजऩल मिशन टीमों की निरंतर मीटिंगें करने के हुक्म दिए जिससे डैपो और सीनियर बड्डीज़ के प्रशिक्षण को मज़बूत बनाने के अलावा नशों पर जागरूकता मुहिम चलाई जा सके। उन्होंने डिप्टी कमिशनरों और सिविल सर्जनों को नशा छुड़ाओ और पुनर्वास प्रोग्रामों की सीधे तौर पर निगरानी करने के भी हुक्म दिए और इसके साथ ही ग़ैर -सरकारी संस्थाओं के साथ भी संपर्क बनाने के लिए कहा।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नशे के समगलरों और बड़ी मछलियों के विरुद्ध नकेल कसने के लिए एन.सी.बी., बी.एस.एफ. और अन्य केंद्रीय एजेंसियोँ के साथ तालमेल बढ़ाने और सांझी कार्यवाही करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने पी.आई.टी., एन.डी.पी.एस. एक्ट की उप-धारा 3 के अंतर्गत बड़े नशा समगलरों और तस्करों की हिरासत का प्रस्ताव तैयार करने के हुक्म दिए और इसके साथ ही 181 पुलिस हेल्पलाइन नंबर को और सक्रिय बनाने के लिए भी कहा जिससे आम लोग नशों संबंधी सूचना दे सकें ।मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि सरकार द्वारा इनाम देने की स्कीम को अंतिम रूप दिया जा रहा है जिसके अंतर्गत नशों के विरुद्ध लड़ाई में शामिल होने वाले लोगों को लाभ दिए जाएंगे। इसी तरह अच्छी कारगुज़ारी दिखाने वाले अधिकारियों के साथ-साथ नागरिकों को भी इस स्कीम के अंतर्गत उपयुक्त इनाम दिया जायेगा।मीटिंग में शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, खेमकरन के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, सुलतानपुर लोधी से विधायक नवतेज सिंह चीमा, अमृतसर से विधायक डा. राजकुमार वेरका, फाजिल्का से विधायक दविन्दर सिंह घुबाया, भोआ से विधायक जोगिन्द्र पाल, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एन.एस. कलसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सतीश चंद्रा, डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता, ए.डी.जी.पी. /एस.टी.एफ. गुरप्रीत कौर दिओ, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा सीमा जैन, सचिव गृह कुमार राहुल और सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार उपस्थित थे ।