खेल

डोपिंग की कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए विस्तृत कदम उठाए जाएंगे-राणा सोढी

मोहाली में जुलाई महीने के दौरान प्रशिक्षकों/फिजिक़ल ट्रेनरों की क्लीनिक भी लगाई जाएगी
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र और नौजवानों को डोपिंग से दूर रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी, इसलिए खेल विभाग द्वारा व्यापक प्रोग्राम बनाया जा रहा है। यह खुलासा पंजाब के खेल और युवा सेवाओं संबंधी मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने ‘फिजिक़ल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ के नुमायंदों के साथ एक मीटिंग के उपरांत किया। मीटिंग के दौरान प्रतिनिधियों ने मंत्री को खेलों में डोपिंग के साथ खिलाडिय़ों/एथलीटों के स्वास्थ्य पर होने वाले बुरे प्रभावों संबंधी अवगत करवाया जिससे उनका कॅरियर भी खऱाब हो रहा है।खेल मंत्री, जो खुद अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ रहे हैं, ने प्रतिनिधियों द्वारा इस सम्बन्धी प्रकट किए गए विचारों की प्रशंसा की और पंजाब में इस कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए द्विपक्षीय रणनीति प्रस्तावित की। इस रणनीति के अंतर्गत इस साल जुलाई में मोहाली में स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के प्रशिक्षकों/फिजिक़ल ट्रेनरों के लिए दो दिवसीय क्लिनिकों का प्रबंध किया जायेगा। यह प्रशिक्षण वैज्ञानिक तजऱ् पर लागू किया जायेगा और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के मद्देनजऱ इसका प्रबंध नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) और फिजिक़ल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पी.ई.एफ.आई.) के माहिरों द्वारा खेल विभाग के सहयोग से किया जायेगा। इस साल अगस्त में लोगों के भारी सम्मिलन से बहुत बड़े स्तर पर एक सैमीनार करवाया जायेगा जिसमें खिलाडिय़ों पर डोपिंग के बुरे प्रभावों संबंधी अवगत करवाया जायेगा।इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (खेलें) श्री संजय कुमार ने कहा कि पी.ई.एफ.आई. का पंजाब सरकार के साथ एक समझौता सहीबद्ध करना भी प्रस्तावित है जिससे राज्य में खेल सभ्याचार का विकास किया जा सके और पंजाब के नौजवानों की जीवन शैली को चुस्त, सेहतमंद और दुरुस्त बनाया जा सके।खेल विभाग की डायरैक्टर श्रीमती अमृत कौर गिल ने टेलेंट, ट्रेनिंग और टारगेट की ‘टी.टी.टी.’ नीति अमल में लाए जाने की बात कही जिससे पंजाब के नौजवानों में मौजूद अथाह सामथ्र्य और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सके।पी.ई.एफ.आई. के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर खेल मंत्री को भरोसा दिलाया कि इस संभावी रचनात्मक पहल के सब नतीजे 2024 के ओलंपिक खेल के दौरान नजऱ आऐंगे।इस मौके पर पी.ई.एफ.आई. के उप-प्रधान और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (ए.आई.यू.) के पूर्व संयुक्त सचिव डा. गुरदीप सिंह, पी.ई.एफ.आई. के सचिव श्री पीयूष जैन के अलावा पी.ई.एफ.आई. के अन्य पदाधिकारी भी हाजिऱ थे।

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