पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा जल प्रबंधन, विरासती पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्रों में फ्रांस से सहयोग की मांग

सिंचाई मकसदों के लिए पानी को सुधारने के लिए फ्रांस के राजदूत से सुझावों की भी मांग
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने जल संरक्षण और शुद्धीकरण, स्मार्ट शहरों के विकास और विरासती पर्यटन को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में नयी उभर रही प्रौद्यौगिकी के सम्बन्ध में पंजाब सरकार का रणनीतिक गठजोड़ पैदा करने के लिए फ्रांस के भारत में राजदूत ऐलैग्ज़ैंडर ज़ैगलर को कहा है। मुख्यमंत्री के यह सुझाव फ्रांस के राजदूत के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग के दौरान सामने आए जब यह प्रतिनिधिमंडल उनको आज यहाँ मिलने आया । मुख्यमंत्री ने टेक्स्टाईल और चमड़ा उद्योग के अलावा फार्मासूटीकल, खाद्य और डेयरी प्रोसेसिंग उद्योग के क्षेत्रों में फ्रांस की मशहूर कंपनियों के साथ सहयोग की भी माँग की । उन्होंने कहा कि राज्य में श्रम-अनुकूल नीतियाँ हैं और यहाँ वाजिब दरों पर बिना अड़चन बिजली और अन्य बढिय़ा वित्तीय लाभ उपलब्ध हैं । मुख्यमंत्री ने दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार राज्य में कोई भी उद्यम शुरू करने के लिए पूरा समर्थन देगी।राज्य में पानी की स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फ्रांस के राजदूत से पानी को सुधारने सम्बन्धी स्थायी सुझाव माँगे जिससे इसको सिंचाई मकसदों के लिए इस्तेमाल किया जा सके । इस सम्बन्ध में अपने तजुर्बे साझे करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इज़राइल की एक जल प्रौद्यौगिकी कंपनी पहले ही राज्य में किसानों के लिए फुहारा सिंचाई तकनीक विकसित करने के लिए काम कर रही है।फ्रांस के साथ पंजाब के मज़बूत सैन्य संबंधों को याद करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि फ्रांस का प्रसिद्ध जनरल जीन फ्रैनकोईस एलार्ड शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की फ़ौज-ए-ख़ास की कैवलरी का प्रमुख था । उन्होंने बताया कि जरनल ऐलार्ड का एक बुत हाल ही में ऐतिहासिक शहर अमृतसर में स्थापित किया गया है । मुख्यमंत्री ने इस साल दिसंबर के पहले हफ्ते हो रहे प्रस्तावित निवेश सम्मेलन के टैक्निकल सैशनों में शमूलियत करने के लिए फ्रांस के राजदूत को न्योता दिया । उन्होंने इस सम्मेलन के दौरान फ्रांस के प्रसिद्ध उद्योगपतियों और उद्यमियों को भी लाने की राजदूत से अपील की जिससे वह भारत और ख़ास तौर पर पंजाब के उद्योगपतियों के साथ विचार-विमर्श कर सकें।राजदूत ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वह पंजाब में निवेश की संभावनाओं का पता लगाने के लिए उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कैप्टन अमरिन्दर सिंह को बताया कि फ्रांस की कुछ कंपनियाँ पहले ही चण्डीगढ़ में गौरवमयी स्मार्ट सीटी प्रोजैक्ट को लागू करने में शामिल हैं। यह यू.टी. प्रशासन की सहयोग से अपना काम कर रही हैं । राजदूत ने लुधियाना, अमृतसर और जालंधर में इसी तरह के प्रोजेक्टों के साथ जुडऩे की उत्सुकता भी जताई क्योंकि यह शहर भी स्मार्ट सीटी स्कीम अधीन लाए गए हैं । इस दौरान इन नेताओं ने इस बात पर भी सहमति प्रकट की कि एक साझी मीटिंग भारत-फ्रांस चेंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री के साथ निवेश सामथ्र्य की रूप रेखा बारे जल्द ही होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजदूत को अपनी पुस्तक ‘द लास्ट सनसैट’ भेंट की । यह पुस्तक सिख साम्राज्य के उत्थान और पतन के साथ सम्बन्धित है । इसमें ऐंगलो-सिख जंग और महाराजा दुलीप सिंह की देश निकाला से सम्बन्धित घटनाएँ भी हैं।मीटिंग में उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास और उद्योग व कॉमर्स विश्वजीत खन्ना, सी.ई.ओ पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वैस्टमैंट प्रमोशन रजत अग्रवाल भी शामिल थे । दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल में मिनिस्टर काउंसलर और हैड ऑफ रीजनल इक्नोमीकल सर्विस फॉर साउथ एशिया जीन-मार्क फैनेट के अलावा भारत-फ्रांस चेंबर ऑफ कॉमर्स और इंडस्ट्री के नुमायंदे भी उपस्थित थे । फ्रांस की कंपनियाँ जे.सी. डीकोक्स, सोसाइटी जेनरली, लीग्रैंड इंडिया, पोमा इंडिया, ए.एफ.डी और सूएज़ इंडिया के नुमायंदे भी शामिल थे ।

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