चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर को राष्ट्रीय सहनशीलता दिवस के तौर पर घोषित करने की अपील की है।प्रधानमंत्री को एक पत्र लिख कर मुख्यमंत्री ने माँग की कि श्री गुरु नानक देव जी के प्यार, करूणा और सहनशीलता के संदेश के प्रति लोगों को पुन: समर्पित होने के लिए इस पवित्र दिवस को राष्ट्रीय सहनशीलता दिवस के रूप में घोषित किया जाये।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की महान शिक्षाएं आज के दौर में भी उतनी ही सार्थक हैं, जितनी उस समय में होती थीं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व 12 नवंबर को मनाया जाना है और महान गुरू साहिब जी के प्रति श्रद्धा और सत्कार के तौर पर इस दिवस को राष्ट्रीय सहनशीलता दिवस के रूप में घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने पहले गुरू साहिब जी का प्रकाश पर्व हरेक वर्ष इसी तरह ही मनाने का सुझाव भी दिया।मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी अपने जीवनकाल के दौरान दूर -दराज़ के स्थानों की यात्रा करके आपसी भाईचारे और सहनशीलता के संदेश का प्रसार करने के अलावा समानता, भाईचारक सांझ, दयालुता और नेकी के आधार पर विलक्षण रूप में आध्यात्मिक और सामाजिक मंच स्थापित किया।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सिख धर्म के मूल सिद्धांतों जिनकी बुनियाद श्री गुरु नानक देव जी ने रखी थी, में मानवता की समानता, निष्काम सेवा, हरेक का भला माँगना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले गुरू साहिब जी प्यार, करूणा और सहनशीलता के प्रतीक हैं।