स्वास्थ्य विभाग द्वारा बी.बी.एम.बी. अधीन अस्पतालों में 20 नये डाक्टरों को नियुक्ति पत्र जारी, इन अस्पतालों में पंजाब के डाक्टरों का कोटा पूरा
चंडीगढ़ – राज्य के निवासियों के साथ किये गए एक और वादे को पूरा करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा ई.एस.आई. अस्पतालों और डिस्पैंसरियों के 50 मैडीकल अफसरों और 5 मैडीकल अफसर (स्पैशलिस्ट) को नियुक्ति पत्र बाँटे गए। इसके अलावा बी.बी.एम.बी. द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों के लिए 11 स्पैशलिस्ट डाक्टरों और अन्य 9 मैडीकल अफसरों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए जिसके बाद बी.बी.एम.बी. द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों में पंजाब को दिए 31 डाक्टरों के कोटे को पूरा कर दिया गया है।पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में डाक्टरों की कमी होने के कारण पिछले 5 सालों से अधिक समय से यह पद खाली पड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि डाक्टरों के खाली पड़े 55 पदों पर नियुक्ति से उन्होंने ई.एस.आई. अस्पतालों और डिस्पैंसरियों में डाक्टरों के शत-प्रतिशत कोटे को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों और विशेषज्ञ डाक्टरों के यह पद ई.एस.आई. अस्पतालों और डिस्पैंसरियों में खाली थे जोकि औद्योगिक इकाईयों/संस्थानों में काम करते कम आय वाले बीमा धारक व्यक्तियों को बढिय़ा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सबसे बड़ी रुकावट थे।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बीते समय में पंजाब मंत्री परिषद ने ठेके पर ई.एस.आई. अस्पतालों में खाली पदों को भरने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। ठेके पर यह भर्ती एक साल के लिए है और इसकी मियाद हर साल बढ़ा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि 3 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ मैडीकल अफ़सर को मासिक वेतन 50,000 रुपए और मैडीकल अफ़सर (स्पैशलिस्ट) को 1 लाख रुपए मासिक वेतन मिलेगा।उन्होंने कहा कि ज़रूरत को तत्काल पूरा करने के लिए इन पदों को नियमित उम्मीदवार मिलने तक ठेके पर भरा गया है। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित कर्मचारी नियुक्त किये जाएंगे, तो ठेके पर भर्ती कर्मचारियों की सेवाओं को ख़त्म कर दिया जायेगा।श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को राज्य में 6 ई.एस.आई. अस्पतालों और 69 डिस्पैंसरियों के प्रबंधन और प्रसाशन का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का काम इन ई.एस.आई. अस्पतालों और डिस्पैंसरियों में पर्याप्त कामगारों की उपलब्धता और बीमा धारक व्यक्तियों को डाक्टरी सहूलतें प्रदान करना यकीनी बनाना है। उन्होंने कहा कि ई.एस.आई.सी. (ईम्पलाईज़ स्टेट इंश्योरेंस कार्पोरेशन, संस्थान भारत सरकार) अस्पतालों और डिस्पैंसरियों को चलाने के खर्चे का भार 1:7 के अनुपात अनुसार 12.5 प्रतिशत राज्य और 87.5 प्रतिशत ई.एस.आई. द्वारा उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि ई.एस.आई.सी. स्कीम के अंतर्गत 12.92 लाख व्यक्तियों को कवर किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 10 या इससे अधिक कर्मचारियों वाली औद्योगिक ईकायों/संस्थानों में 21,000 रुपए या इससे कम वेतन वाले कर्मचारियों को इस स्कीम के अंतर्गत कवर किया गया है।स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 27 मई, 2019 को तलवाड़ा, नंगल और सुंदर नगर में बी.बी.एम.बी. के द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों में नियुक्ति के लिए 20 मैडीकल अफसरों को नियुक्ति पत्र दिए गए जिनमें 11 स्पैशलिस्ट डाक्टर और 9 मैडीकल अफ़सर शामिल हैं। यह भर्ती ठेके पर की गई है जिसके अंतर्गत मैडीकल अफ़सर को मासिक वेतन 50,000 रुपए और मैडीकल अफ़सर (स्पैशलिस्ट) को 1 लाख रुपए मासिक वेतन दिया जायेगा। बी.बी.एम.बी. द्वारा पंजाब के लिए 31 डाक्टरों का कोटा अलॉट किया गया था जिसमें से 11 डाक्टर पहले ही काम कर रहे हैं और 20 नये डाक्टरों की नियुक्ति होने से पंजाब के 31 डाक्टरों का कोटा पूरा हो गया है।