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लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद नहीं थम रहा विपक्ष में घमासान

इस बार के चुनाव में भाजपा ने जहां रिकॉर्ड 303 सीटें जीतीं, वहीं पांच दिन बाद भी अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी का इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं. बंगाल में जहां भाजपा ने पिछले प्रदर्शन में सुधार करते हुए दो के मुकाबले 18 सीटों पर जीत हासिल की, वहां कई विधायकों और पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया. वहीं बिहार में शून्य पर सिमटी राजद में परिवार के झगड़े को लेकर आवाज़ उठने लगी है.लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस अब आत्ममंथन के दौर से गुजर रही है. फिलहाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे या फिर परिवार से बाहर का कोई सदस्य इसकी कमान संभालेगा. ख़ास बात यह है कि पार्टी फोरम पर खुलकर इस मुद्दे को लेकर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन कांग्रेस के भीतर और बाहर तमाम गहमागहमी के कारण खबरों का बाजार गर्म है. चुनावों में बुरी हार के बाद कई कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से मिलने पहुंचे, जिसमें प्रियंका गांधी सहित राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के साथ ही प्रमोद तिवारी शामिल रहे.लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हार का सामना करने के बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है. मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन से जुड़े नेताओं ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग शुरू कर दी है. वहीं कर्नाटक और राजस्थान में सरकार के मोर्चे पर भी विरोध की आवाज़ें सुनाई देने लगी है. शनिवार को पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने अशोक गहलोत पर अपने बेटे को संगठन के उपर तवज्जो दिए जाने को लेकर खिंचाई की थी. जिसके बाद राजस्थान के मंत्री और विधायक चुनाव में बुरे प्रदर्शन के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात कहने लगे हैं.पिछले साल जनता दल सेक्युलर के साथ कर्नाटक में सरकार बनाने वाली कांग्रेस 28 सीटों में से मात्र 1 सीट ही जीत पाई. इस बुरे प्रदर्शन के लिए दोनों पार्टियों के बीच जारी आंतरिक कलह को बड़ी वजह माना जा रहा है. कांग्रेस-जेडीएस में तनाव के बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुधवार को होने वाली है, जिसमें मौजूदा स्थिति पर विचार किया जाएगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद और राज्य प्रभारी केसी वेणुगोपाल बेंगलुरु जाकर सभी का पक्ष जानने की कोशिश करेंगे. इस बीच भाजपा राज्य में मध्यावधि चुनाव की वकालत कर रही है.अब तक कांग्रेस में छह राज्य प्रमुखों ने इस्तीफे की पेशकश की है. नेताओं के कहना है कि इन इस्तीफों के बाद से राहुल गांधी को संगठन के पुनर्गठन में मदद मिलेगी.महाराष्ट्र कांग्रेस में भी बगावती सुर उभरने लगे हैं. बंगाल में ममता बनर्जी को झटका देते हुए दो विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया. इसके साथ ही सीपीएम के एक विधायक सहित बड़ी संख्या में पार्षद भाजपा में शामिल हो गए.राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेता राधाकृष्णन विखे पाटिल बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. राधाकृष्ण विखे पाटिल मंगलवार को महाराष्ट्र के सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन से मुलाकात करने उनके निवास स्थान पर पहुंचे थे. बीजेपी ने विखे पाटिल के बिना किसी शर्त के पार्टी में शामिल होने की बात कही है. गौरतलब है कि राधाकृष्णन पाटिल के बेटे भाजपा के टिकट पर अहमदनगर से चुनाव जीते हैं. इस बीच खबर यह भी है कि अगले महीने 4 कांग्रेस विधायक अपना पाला बदल सकते हैं.लोकसभा चुनाव में बुरे प्रदर्शन का असर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल की अंदरूनी राजनीति पर भी पड़ा है. राजद के अधिकतर नेता अब खुलकर पार्टी में तानाशाही रवैये को लेकर आवाज़ बुलंद करने लगे हैं. नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान जिस प्रकार से लालू प्रसाद यादव के परिवार में कलह मची उसका असर नतीजों पर साफ दिखा. नेताओं की आपसी कलह को लेकर पटना में वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा भी की गई.विपक्षी दल भाजपा के नेतृत्व में एनडीए के प्रदर्शन को लेकर मंथन के दौर से गुजर रहे हैं. अब तक वे वोटों का गणित धर्म और जातीय आधार पर बैठाते रहे हैं लेकिन इस बार जनता ने जिस प्रकार से मुखर होकर उनके समीकरणों को फेल किया है उसके बाद से तमाम पार्टियों की आपसी कलह सतह पर खुलकर सामने आ गई है.

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