देश और दुनिया में आस्था और विश्वास के साथ मनाया जा रहा है बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार , राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को बधाई।बुद्ध पूर्णिमा भारत और दुनिया के बौद्ध धर्म मानने वाले देशों में एक महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म ,ज्ञान प्राप्त हुआ और पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था । कुशीनगर और इन इलाकों में बुद्ध के संदेशो को खास तौर से धम्म सभा में याद किया जाता है जिसका सरोकार मानवता से है। जानिए भगवान बुद्ध के कुछ वचन जिन्हें अपनाने से जीवन में शांति का संचार हो सकता है
1. किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है.
2. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है.
3. घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती, बल्कि प्रेम से घटती है, यही शाश्वत नियम है.
4. तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे.
5. हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये.
6. सभी गलत कार्य मन से ही उपजाते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाय तो क्या गलत कार्य रह सकता है.
7. अतीत पर ध्यान केन्द्रित मत करो, भविष्य का सपना भी मत देखो, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करो.
8. वह व्यक्ति जो 50 लोगों को प्यार करता है, 50 दुखों से घिरा होता है, जो किसी से भी प्यार नहीं करता है उसे कोई संकट नहीं है.
9. क्रोधित रहना, किसी और पर फेंकने के इरादे से एक गर्म कोयला अपने हाथ में रखने की तरह है, जो तुम्हीं को जलती है.
10. अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी एक कर्तव्य है, अन्यथा आप अपनी मन और सोच को अच्छा और साफ़ नहीं रख पाएंगे.