पंजाब

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कीमत कटौती न करने की केंद्र से मांग

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र में किसानों को दोहरी मार पडऩे का जि़क्र किया
चंडीगढ़ – बे-मौसमी बारिश के कारण फसलों के हुए नुक्सान से पहले ही प्रभावित हो चुके किसानों को दोहरी मार पडऩे का जि़क्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सूबे में खरीद मापदण्डों में ढील के बिना गेहूँ की खरीद के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कीमत कटौती करने केंद्र सरकार की तरफ से लिए गये फ़ैसले को तुरंत पुन: विचारने की माँग की है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्दर मोदी को लिखे पत्र में कहा कि साल 2019 -20 के रबी के मंडी सीजन के दौरान दी गई ढील पर किसी भी तरह की कीमत कटौती न लगाई जाये।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मोदी को कहा है कि वह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली मंत्रालय को हिदायत जारी करें कि वह कीमत कटौती सम्बन्धी अपने फ़ैसले का तुरंत जायज़ा ले। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए सीधी मार है जो कि पहले ही बहुत ज़्यादा वित्तीय संकट से  घिरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गेहूँ की खरीद के मापदण्डों में ढील देने सम्बन्धी राज्य की विनती स्वीकार करने (पत्र नंबर 7-5/2019 – एस एंड आई, तारीख़ 26 अप्रैल, 2019) से भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली मंत्रालय में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली विभाग ने किसानों पर कीमत की कटौती भी थोप दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। पहले उनको बे-मौसमी बारिश के कारण नुक्सान उठाना पड़ा जिससे गेहूँ की कटाई में मुश्किलें पेश आईं और दूसरा अब उनको न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कीमत की कटौती का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनकी आय को भारी गिरावट आई है जबकि इस सभी मामले में उनका कोई भी कसूर नहीं है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कीमत कटौती को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 22 अप्रैल, 2019 को प्रधानमंत्री को एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखा था और सूबे में गेहूँ की खरीद के मापदण्डों में ढील देने की माँग की थी। उन्होंने कीमत कटौती के बिना यह ढील देने के लिए कहा था।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

3 × 2 =

Most Popular

To Top