नई दिल्ली – राफेल पर पुनर्विचार याचिका मामले पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। सरकार ने नया एफिडेविट दाखिल करने के लिए यह समय मांगा है और कोर्ट से कहा है कि इसकी सुनवाई आगे बढ़ा दी जाए। बता दें कि इस मामले में सुनवाई मंगलवार को तय होनी थी।मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि यह मामला पहले ही ओपन कोर्ट में है। आप लुका छिपी का खेल क्यों खेल रहे है। हम आपको अतिरिक्त हल्फनामा दायर करने के लिए अनुमति देते है लेकिन, सुनवाई नहीं टाली जाएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने मंगलवार को होनी वाली सुनवाई को टालने की अपील की थी। इससे पहले 10 अप्रैल इस मामले में हुई सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट दोबारा राजी हुआ था। तब चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने लीक हुए दस्तावेजों को भी मान्य करार दिया था। तब सरकार ने दलील दी थी कि इन दस्तावेजों को खारिज किया जाना चाहिए। कोर्ट ने तभी कह दिया था कि जितनी भी दस्तावेज लीक हुए थे वो सुनवाई का हिस्सा होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल को हुई सुनवाई में कहा था कि जहां तक राफेल डील से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई का सवाल है, इस पर बाद में विस्तृत सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पहले ही पूरी कर चुका था। इसके बाद पुनर्विचार याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा लिया था। तब कोर्ट ने फैसले की तारीक मंगलवार 30 तारीक का समय निर्धारित किया था। राफेल मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध रहा है।