रविवार
को श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए धमाकों के बाद सोमवार की आधी रात से
देश में आपातकाल लगाने की घोषणा कर दी गई है। इससे आतंकवाद को रोकने के
लिए सुरक्षाबलों के अधिकार में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।श्रीलंका में इस्टर के
दिन हुए सीरियल बन धमाकों के बाद देश में कल आधी रात से आपातकाल लग गया है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों को अधिक अधिकार देने के लिये इस
कदम को उठाया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने आधीरात से सशर्त आपातकाल
लगाने का फैसला लेते हुए कहा कि यह उपाय आतंकवाद को निशाना बनाने के लिए
उठाया गया है और इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित नहीं होगी। इन धमाकों
में मरने वालों की संख्या 290 हो गई है जिसमें 8 भारतीय भी शामिल हैं।
श्रीलंका सरकार ने आज राष्ट्रीय शोक दिवस मनाने की भी घोषणा की है।रविवार
को श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए धमाकों के बाद सोमवार की आधी रात से
देश में आपातकाल लगाने की घोषणा कर दी गई है। इससे आतंकवाद को रोकने के लिए
सुरक्षाबलों के अधिकार में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। राष्ट्रपति मैत्रीपाला
सिरिसेना की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद यानि एनएससी की एक बैठक
के दौरान यह फैसला लिया गया। एनएससी ने आधीरात से सशर्त आपातकाल लगाने का
फैसला लेते हुए कहा है कि यह उपाय आतंकवाद को निशाना बनाने के लिए उठाया
गया है और इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित नहीं होगी।श्रीलंका सरकार
ने मंगलवार को राष्ट्रीय शोक दिवस की भी घोषणा की है। इस बीच कोलंबो में
सोमवार को एक बस स्टेशन से 87 बम डेटोनेटर मिले। पुलिस को शुरूआत में 12 बम
डेटोनेटर मिले और बाद में छानबीन करने पर 75 और डेटोनेटर का पता चला ।
गौरतलब है कि श्रीलंका में रविवार को ईस्टर पर चर्च और लक्जरी होटल के
सामने अलग-अलग जगह 8 बम विस्फोट हुए थे जिनमें 290 लोगों की मौत हो गयी थी
और 500 से भी अधिक अन्य लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में 8 भारतीय भी
थे। रविवार को किए गए बम विस्फोट में कोलंबो में सेंट एंथनी चर्च, नेगोंबो
में सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टीकालोआ में जिओन चर्च को निशाना बनाया गया
था। इसके अलावा कोलंबो में तीन फाइव स्टार होटल- शांगरी ला, कीनामोन
ग्रैंड और किंग्सबरी में भी विस्फोट हुआ था।