रोजर फेडरर ने मायामी ओपन के रूप में अपना 101 वां ख़िताब जीता है. इस जीत के साथ ही वे एटीपी रैंकिंग्स में एक स्थान चढ़कर दुनिया के नंबर चार खिलाड़ी बन गए हैँ. फेडरर 37 साल के हो चुके हैं और लगातार अपने प्रदर्शन से टेनिस प्रेमियों को चौंका रहे हैं. लोगों को हर बार लगता है कि फेडरर अब दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नहीं बन पाएंगे लेकिन फेडरर अपनी निरंतरता से नंबर एक की दौड़ में बने रहते हैं.मायामी में इसनर को हराकर जीता गया खिताब फेडरर का 28वां एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब है. फेडरर शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं. वे लगातार तीन टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे हैं और दो इवेंट जीतने में कामयाब रहे हैं.फेडरर 2019 में एक से ज्यादा खिताब जीतने वाले पहले टेनिस खिलाड़ी हैँ. इससे पहले हुए 14 डबल्यूटीए इवेंट्स और 19 एटीपी इवेंट्स में अलग-अलग चैम्पियन देखने को मिले हैँ. फेडरर ने दुबई चैम्पियनशिप जीतकर अपने 100 ख़िताब पूरे किए थे. मायामी ओपन जीतने के साथ ही फेडरर एक बार नंबर एक की दौड़ में शामिल हो गए हैं. इस सीज़न के पहले क्वार्टर में उन्होंने सबसे ज्यादा एटीपी अंक हासिल किए हैं. राफेल नडाल चोट के कारण मायामी में नहीं खेल पाए वहीं उन्होंने इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल से भी नाम वापस ले लिया था. नोवाक जोकोविच को इंडियन वेल्स और मयामी, दोनों टूर्नामेंट में जल्दी ही हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में फेडरर की निरंतरता उन्हें सबसे अलग बनाती है.