हिंदी सिनेमा का 106 साल इतिहास हुआ बर्बाद, 31 हजार फिल्मों की ओरिजनल रीलें हुई नष्ट
बॉलीवुड – भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफएआई) को लेकर कैग ने एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक एनएफएआई ने लगभग 31 हजार हिंदी फिल्मों की ओरिजनल रील और कैन या तो खो दी हैं या तो नष्ट हो गईं हैं।
एनएफएआई की स्थापना 1964 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने की थी। इसका मकसद राष्ट्रीय सिनेमा की धरहोहर को संभाल कर रखना था। कैग के अंतर्गत आने वाले ऑडिट एवं लेखा विभाग ने मई 2015 से सितंबर 2017 के बीच एनएफएआई के रिकॉर्ड्स की जांच की। सूचना अधिकार के तहत कैग की जांच रिपोर्ट की जानकारी हासिल की गई। जिसमें पाया गया कि किताबों का भौतिक सत्यापन किया गया था, लेकिन ऑडियो सीडी, डिस्क रिकॉर्ड और वीडियो रिकॉर्ड्स की जांच ही नहीं की गई थी।
एनएफएआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि साल 2016 से 2017 में 1,32,000 फिल्मों के रील के कैन थे, लेकिन बाद में ठेकेदारों के बिलों और भुगतान ये बात सामने आई कि केवल 1,00,377 रील के कैन बचे हैं। इससे साफ हुआ कि फिल्मों के 31,263 रील और कैन खो गए हैं या बर्बाद हो गए हैं। एनएफएआई में हिंदी सिनेमा का 106 साल का इतिहास रखा हुआ था। इसमें किताबें, वीडियो-ऑडियो कैसेट, पोस्टर, फोटोज, प्रेस क्लिप्स, स्लाइड्स, डिस्क रिकॉर्ड रखे गए हैं।