ब्रितानी संसद में प्रधानमंत्री थेरेसा मे की फिर हार हुई,
सांसदों ने मसौदे को 242 के मुकाबले 391 वोटों से ख़ारिज किया। नीदरलैंड के
प्रधानमंत्री ने निराशा जताई ।
ब्रितानी संसद में
प्रधानमंत्री थेरेसा मे को ब्रेग्ज़िट के मुद्दे पर एक और बड़ी हार का
सामना करना पड़ा है। सांसदों ने समझौते के मसौदे को इस बार 242 के मुकाबले
391 वोटों से ख़ारिज किया है। अब सांसद इस बात को लेकर मतदान करेंगे कि
ब्रिटेन 29 मार्च को बिना किसी समझौते के ही यूरोपीय संघ से बाहर होना
चाहिए या नहीं। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे का समझौता खारिज होने के
बाद फैसले के समर्थकों ने संसद के बाहर जश्न मनाया। हांलाकि कुछ लोग इस
फैसले से निराश भी दिखे। इस मतदान से विश्व की पांचवी सबसे बड़ी
अर्थव्यवस्था वाले इस देश में अब अनिश्चितता का माहौल है।
ब्रिटेन
की संसद में एक बार फिर प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे को ब्रेग्ज़िट के मुद्दे
पर एक और बड़ी हार का सामना करना पड़ा। ब्रितानी सांसदों ने ब्रेग्ज़िट
समझौते पर प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के संशोधित मसौदे को बड़े अंतर से
ख़ारिज कर दिया। यह दूसरा मौक़ा है जब सांसदों ने टेरीज़ा मे के यूरोपीय
संघ से बाहर निकलने के समौझौते के मसौदे को खारिज किया है। सांसदों ने
समझौते के मसौदे को इस बार 242 के मुकाबले 391 वोटों से ख़ारिज किया है. इस
बार मसौदे को रिजेक्ट किए जाने का अंतर जनवरी से भी ज़्यादा है।
ब्रेग्ज़िट
समझौते के ख़ारिज होने के बाद प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा है कि अब
सांसद इस बात को लेकर मतदान करेंगे कि ब्रिटेन 29 मार्च को बिना किसी
समझौते के ही यूरोपीय संघ से बाहर होना चाहिए या नहीं और अगर सांसद बिना
समझौते के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो
ब्रेग्ज़िट को टाला जाना चाहिए या नहीं। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे
का समझौता खारिज होने के बाद फैसले के समर्थकों ने संसद के बाहर जश्न
मनाया। हांलाकि कुछ लोग इस फैसले से निराश भी दिखे। इस मतदान से विश्व की
पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले इस देश में अब अनिश्चितता का माहौल है।
यूरोपीय
संघ के ब्रेग्जिट वार्ताकार मिशेल बारनियर ने ट्वीट में कहा है कि यूरोपीय
संघ ब्रेग्जिट के बारे में दोबारा बातचीत नहीं करेगा। इस मामले में
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रट ने कहा कि उन्हें ब्रिटेन में मतदान के
परिणामों से निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि अब यूरोपीय संघ वापसी के
समझौते पर अडिग रहेगा। अगर सांसद बिना समझौते के यूरोपीय संघ से बाहर
निकलने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो फिर सांसदों को इस बात पर वोट देना
होगा कि ब्रेग्ज़िट को टाला जाना चाहिए या नहीं. कंजरवेटिव पार्टी के
सांसदों को ब्रेग्ज़िट को लेकर कोई समझौता न करने पर विषय पर अपनी मर्ज़ी
से मतदान करने की छूट होगी.