चंडीगढ़ – मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब डॉ. एस.करुणा राजू ने आज यहाँ
राजनैतिक पार्टियों के नेताओं के साथ लोक सभा चुनाव 2019 संबंधी मीटिंग की
गई। इस मीटिंग में एडीशनल मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीमती कविता सिंह और श्री
सीबन सी उपस्थित थे। मीटिंग के दौरान उन्होंने राजनैतिक पार्टी के नेताओं
को ई.वी.एम. /वी.वी.पैट, आदर्श चुनाव आचार संहिता, चुनावी ख़र्च निगरानी,
पेड न्यूज /मीडिया सर्टीफीकेशन एंड मोनेटरिंग कमेटी (एम.सी.एम.सी.) नामाकंन
प्रक्रिया (फार्म 26), मंत्री के टूर और चुनाव से सम्बन्धित अन्य मामलों
पर विचार-विमर्श किया गया। ई.वी.एम. /वी.वी.पैट संबंधी जानकारी देते हुये
डॅा. राजू ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा देश के मशहूर वैज्ञानिकों की मदद से
यह केलकुलेटर टाईप मशीन बनाई गई है जिसमें वन टाईम प्रोग्राम चिप लगाया
गया है। यह मशीन किसी भी तरह के संचार यंत्र के साथ जुड़ नहीं सकती। इस
मौके पर राजनैतिक पार्टियों के उपस्थित समूह नेताओं को ई.वी.एम. /
वी.वी.पैट मशीन की कार्य प्रणाली संबंधी डैमो भी दिया गया।उन्होंने कहा
चुनाव के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी
है। आदर्श चुनाव संहिता संबंधी बोलते हुये डॉ राजू ने कहा कि यह सभी
राजनैतिक पार्टियों को समान अवसर देता है जिससे कोई पार्टी या उम्मीदवार
पैसे या ताकत के प्रयोग से वोटरों को प्रभावित न कर सके।चुनावी ख़र्च
संबंधी जानकारी देते हुये उन्होंने कहा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को 70 लाख
रुपए ख़र्चने की छुट है और इस ख़र्च की जाने वाली राशि का समूचा रिकार्ड
रखना होगा। उम्मीदवार 10 हज़ार से अधिक ख़र्च की अदायगी चैक के द्वारा
करेगा और ख़र्च संबंधी समूचा रिकार्ड रिटर्निंग अफ़सर के पास जमा करवाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा आयोग द्वारा एक्सपैंडीचर ऑबजर्वर भी नियुक्त
किये जा रहे हैं।
पेड न्यूज /मीडिया सर्टीफीकेशन एंड मोनेटरिंग कमेटी
(एम.सी.एम.सी.) के गठन संबंधी बोलते हुये उन्होंने कहा कि राज्य स्तर और
जि़ला स्तर पर इन कमेटियों का गठन कर दिया गया है। यह टीम चुनाव प्रचार के
दौरान राजनैतिक पार्टियों द्वारा किये जाने वाले प्रचार के लिए इस्तेमाल की
जाने वाली सामग्री, जिसमें समाचार-पत्र विज्ञापन, रेडियो /टी.वी विज्ञापन
और सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाले वाले विज्ञापन, गीतों आदि शामिल हैं, की
सर्टीफीकेशन करती है। हरेक पार्टी के लिए चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल
किये जाने वाले विज्ञापनों के लिए अग्रिम मंज़ूरी लेनी ज़रूरी है। इसके
अलावा एम.सी.एम.सी. के अधीन रेडियो /टी.वी, सोशल मीडिया और समाचार-पत्रों
की भी निगरानी की जायेगी जिससे कोई राजनैतिक पार्टी या उम्मीदवार पेड न्यूज
या आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले साधन के द्वारा चुनाव
प्रचार न कर रहा हो।नामांकन प्रक्रिया (फार्म 26) संबंधी बोलते हुये डॉ.
राजू ने राजनैतिक पार्टियों के नेताओं को फार्म 26, ए और बी संबंधी भी
जानकारी देते हुये बताया कि यह घोषणा-पत्र नामांकन पत्र दाखि़ल करने के
आखिरी दिन बाद दोपहर तीन बजे से पहले हर हालत में भरना है। यदि फार्म 26 का
कोई कॉलम खाली रह गया तो नामांकन पत्र दाखि़ल करने वाले उम्मीदवार को
नामांकन पत्रों की पड़ताल शुरू होने से पहले हर हालत में पूरी तरह भरा हुआ
घोषणा-पत्र जमा करवाना ज़रूरी होगा। यदि कोई उम्मीदवार आर.ओ. द्वारा
रिमाईंडर नोटिस जारी होने के बाद भी यह घोषणा-पत्र जमा करवाने में नाकाम
रहता है जो आर.ओ. इस आधार पर नामांकन पत्र पड़ताल के दौरान रद्द कर सकता
है। इसके अलावा नामांकन पत्रों की पड़ताल से पहले कसम उठानी भी ज़रूरी है
और उम्मीदवर का नाम जिस वोटर सूची में दर्ज है उसकी तसदीकशुदा कापी भी जमा
करवाएगा।मीटिंग के आखिर में मंत्रियों के टूर और चुनाव से सम्बन्धित अन्य
मामलों संबंधी विचार-विमर्श किया गया। इस मीटिंग में कांग्रेस, शिरोमणि
अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, स्टेट कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ
इंडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।