आतंकवाद के खिलाफ भारत की जंग जारी। मसूद अजहर के खिलाफ आज सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव आ सकता है, चीन के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं
पुलवामा
में आतंकवादी हमले सहित भारत में कई बड़े आतंकी हमलों के साजिशकर्ता मशूद
अजहर के खिलाफ भारत ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है। भारत इस मुद्दे पर
पाकिस्तान को घेरने के लिए लगातार कुटनीतिक प्रयास कर रहा है। आतंकवादी
संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने
के लिए आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया जाना है ।
जैश-ए-मोहम्मद ने ही पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद अजहर को
वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया था। आज यूएनएससी की ‘1267
समिति’ द्वारा इस प्रस्ताव को उठाये जाने की उम्मीद है।
अंतर्राष्ट्रीय
मंचों पर पाकिस्तान लगातार अकेला पड़ता जा रहा है और उसके द्वारा पाले
पोसे गए आंतक के सरगना मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिबंध
लगाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है । आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के
प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए बुधवार को
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया जाना है ।
जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसके बाद अजहर को
वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया था।13 मार्च को यूएनएससी
की ‘1267 समिति’ द्वारा इस प्रस्ताव को उठाये जाने की उम्मीद है।
भारत
और यूएनएससी के अन्य सदस्यों द्वारा लाये गये इस तरह के प्रस्तावों पर तीन
बार रोड़े अटका चुके चीन पर इस बार सबकी नजरें है। इस बीच चीन ने कहा है
कि इस मामले में केवल बातचीत के जरिये ही ”एक जिम्मेदार समाधान” निकल
सकता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, ”1267 प्रतिबंध
समिति द्वारा किसी को आतंकवादी घोषित करने के बारे में चीन की स्थिति
सुसंगत और स्पष्ट है। चीन ने जिम्मेदार रूख अपनाया है, समिति के नियमों और
प्रक्रिया का पालन किया है तथा जिम्मेदार ढ़ंग से चर्चा में भाग लिया था।
केवल बातचीत के जरिये ही हम एक जिम्मेदार समाधान तक पहुंच सकते हैं।”
भारत
ने शनिवार को कहा था कि यूएनएससी के सदस्यों को पाकिस्तान में
जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों और अजहर की मौजूदगी के बारे में
जानकारी है। भारत ने सदस्य देशों से अजहर को एक वैश्विक आतंकवादी घोषित
किये जाने का अनुरोध किया। उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भी मसूद अजहर पर प्रतिबंध
लगाने की पुरजोर वकालत की है ।
आतंकवाद के मसले पर बढ़ते वैश्विक
दबाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका को आश्वस्त किया है कि वह आतंकवाद से
सखती से निपटेगा और भारत के साथ तनाव को कम करने के लिए कदम उठाएगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अमेरिका के राष्ट्रीय
सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के साथ सोमवार को फोन पर बातचीत के दौरान ये
भरोसा दिया । बोल्टन ने ट्वीटर पर लिखा- ”पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने
मुझे आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान सभी आतंकवादी संगठनों से दृढ़ता से
निपटेगा और भारत के साथ तनाव कम करने की दिशा में भी प्रयास जारी रखेगा।”
बोल्टन
ने कुरैशी से ये बातचीत ऐसे समय की है जब भारत के विदेश सचिव विजय गोखले
अमेरिका की यात्रा पर हैं। गोखले ने अपनी आधिकारिक यात्रा के पहले दिन
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से मुलाकात की। इस वार्ता में भारत और
अमेरिका इस बात पर सहमत हुए कि पाकिस्तान आतंकवादी ढांचे को नेस्तनाबूद
करने के लिए ”संगठित कार्रवाई” करे और अपनी सरजमीं पर सभी आतंकी संगठनों
को पनाहगाह मुहैया करना बंद करे। दोनों इस बात पर भी सहमत हुए कि जो लोग
या देश किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन करते हैं, या बढ़ावा देते हैं
उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की के
राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की । बातचीत के
दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के
लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी ने उन सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ
फौरन, दिखने लायक और ठोस कार्रवाई की अहमियत पर जोर दिया जो इस नासूर से
जूझ रहे हैं। फिलहाल भारत आतंकवाद और आंतकवादी संगठनों के लिए लगातार
कूटनीतिक अभियान चला रहा है और उसे इस काम में सफलता भी मिलती दिख रही है ।